अयोध्या में ऐतिहासिक पल की तैयारी... राम मंदिर के तीसरे तल पर स्थापित होगा 'श्री राम यंत्र', 19 मार्च को होगा अनुष्ठान

रामनगरी अयोध्या में एक और ऐतिहासिक-आध्यात्मिक पल की तैयारी शुरू हो गई है. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के तीसरे तल पर 'श्री राम यंत्र' की स्थापना होने वाली है. इसके लिए नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हो चुका है. 19 मार्च को राष्ट्रपति की उपस्थिति में राम मंदिर के गर्भगृह में 'श्री राम यंत्र' की विधिवत स्थापना होगी.

Advertisement
अयोध्या में निकाली गई कलश यात्रा. (Photo: Screengrab) अयोध्या में निकाली गई कलश यात्रा. (Photo: Screengrab)

मयंक शुक्ला

  • अयोध्या,
  • 14 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:07 AM IST

आस्था, आध्यात्म और इतिहास की पावन भूमि अयोध्या एक बार फिर एक दिव्य और ऐतिहासिक क्षण की ओर बढ़ रही है. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में 'श्री राम यंत्र' की स्थापना के लिए भव्य वैदिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हो चुका है. नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में देशभर से संत-महात्मा, वैदिक विद्वान और श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं. 19 मार्च को राष्ट्रपति की उपस्थिति में राम मंदिर के तीसरे तल पर बने गर्भगृह में यंत्र की स्थापना की जाएगी.

Advertisement

मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत पवित्र सरयू नदी के जल से की गई. सरयू की सहस्त्रधारा से पूजित जल को विधि-विधान के साथ मंदिर परिसर तक लाया गया. इसके बाद लक्ष्मण किला से एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत और वैदिक विद्वान शामिल हुए. यह कलश यात्रा पूरे भक्ति भाव के साथ राम मंदिर परिसर पहुंची, जहां विधिवत कलश स्थापना की गई.

इस धार्मिक आयोजन का नेतृत्व राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि कलश स्थापना से पहले प्रायश्चित पूजन कराया गया, जिसके साथ ही नौ दिवसीय अनुष्ठान की औपचारिक शुरुआत हुई. आने वाले दिनों में यज्ञशाला में नौ कुंडीय हवन, विशेष पूजन और विभिन्न वैदिक अनुष्ठान होंगे.

राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, वर्ष प्रतिपदा के दिन इस पूरे आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण होगा. उसी दिन राम मंदिर के तृतीय तल पर स्थित गर्भगृह में 'श्री राम यंत्र' की स्थापना की जाएगी. यह यंत्र पिछले दो वर्षों से मंदिर परिसर में सुरक्षित रखा गया है और प्रतिदिन उसका विधिवत पूजन किया जाता रहा है. अब इसे पूर्ण वैदिक विधि से स्थापित किया जाएगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें: रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे आसाराम, संतों ने किया भव्य स्वागत, बोले- न आरजू, न जुस्तजू

इस पूरे अनुष्ठान को संपन्न कराने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से 51 वैदिक विद्वानों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. ये विद्वान वेद मंत्रों और पारंपरिक धार्मिक विधियों के अनुसार इस स्थापना कार्यक्रम को संपन्न कराएंगे.

इस ऐतिहासिक अवसर को और भी विशेष बनाने के लिए राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाली लगभग 300 एजेंसियों और करीब 1800 श्रमिकों को भी आमंत्रित किया गया है. मंदिर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मूर्तिकारों, पत्थर तराशने वाले कारीगरों, वास्तुकारों और विभिन्न संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा.

देशभर से करीब 300 संत-महात्मा होंगे शामिल

इसके अलावा निधि समर्पण अभियान में भाग लेने वाले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के करीब 3500 कार्यकर्ताओं को भी इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है. इन सभी लोगों ने राम मंदिर निर्माण के लिए चलाए गए जनअभियान में अहम भूमिका निभाई थी.

इस आयोजन में देशभर से करीब 300 संत-महात्मा शामिल होंगे. वहीं केरल की प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी भी अपने लगभग 1200 अनुयायियों के साथ अयोध्या पहुंचेंगी और इस ऐतिहासिक अनुष्ठान में भाग लेंगी.

सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अयोध्या पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और प्रशासन तथा राम मंदिर ट्रस्ट के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की. इसके साथ ही आगामी चैत्र रामनवमी के आयोजन को लेकर भी अधिकारियों के साथ चर्चा की गई.

Advertisement

राम मंदिर के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाने वाली कई बड़ी संस्थाएं भी इस आयोजन को सफल बनाने में जुटी हुई हैं. इनमें एल एंड टी और टाटा कंसलटेंसी जैसी कंपनियां शामिल हैं, जिन्होंने मंदिर निर्माण में सहयोग दिया है.

रामनगरी अयोध्या अब उस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रही है, जब राष्ट्रपति की उपस्थिति में राम मंदिर के तृतीय तल के गर्भगृह में 'श्री राम यंत्र' की स्थापना की जाएगी. इस अवसर का सीधा प्रसारण दूरदर्शन के माध्यम से देशभर में किया जाएगा, ताकि देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों श्रद्धालु भी इस ऐतिहासिक और दिव्य क्षण के साक्षी बन सकें.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement