'सांसद जी! बीवी कह रही है कैसे भाजपा नेता हो जो लाइट नहीं दे पा रहे', चंदौली में बिजली कटौती पर भड़के लोग, पावर हाउस में जड़ा ताला

चंदौली में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से गुस्साए ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया. बबुरी स्थित पावर सबस्टेशन पर रात से लेकर दोपहर तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान लोगों ने न सिर्फ तालाबंदी की, बल्कि बीजेपी समर्थक उपभोक्ताओं ने अपनी ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.

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चंदौली में बिजली कटौती के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूटा (Photo- ITG) चंदौली में बिजली कटौती के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूटा (Photo- ITG)

उदय गुप्ता

  • चंदौली ,
  • 22 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:19 PM IST

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के बबुरी स्थित पावर सबस्टेशन पर पिछले 15 दिनों से रात में हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान होकर तकरीबन 90 गांवों के आक्रोशित उपभोक्ताओं ने तालाबंदी और धरना प्रदर्शन किया. इस भीषण गर्मी, उमस और तेज धूप में पूरी तरह चरमराई विद्युत आपूर्ति से आजिज आए ग्रामीणों ने अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई न किए जाने पर रात के वक्त ही विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर मुख्य दफ्तर का ताला बंद कर दिया. प्रदर्शनकारी उपभोक्ता रात से लेकर अगले दिन दोपहर तक सबस्टेशन के सामने धरने पर बैठे रहे और सरकार के 18 घंटे बिजली देने के आदेश का उल्लंघन होने पर जमकर विरोध जताया.

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'क्या भाजपा के नेता हो, जब लाइट नहीं दे पा रहे'

इस पूरे प्रदर्शन के दौरान एक अनोखा वाकया देखने को मिला, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक व्यक्ति फोन पर सीधे सांसद को अपनी व्यथा सुनाते हुए कह रहा है, "सांसद जी, हमारी बीवी कह रही है कि क्या भाजपा के नेता हो, जब लाइट नहीं दे पा रहे हो!" विद्युत उपभोक्ता ने कहा कि कैसे भाजपा नेता हो जो बिजली नहीं दिला पा रहे हो. यह बात इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.

अपनों से ही मिला दर्द, भाजपा समर्थकों ने खोला मोर्चा

बिजली कटौती के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले लोगों में बड़ी संख्या में भाजपा के अपने समर्थक और कार्यकर्ता शामिल थे. वोट देकर सरकार बनाने वाले इन समर्थकों को इस बात का गहरा दर्द था कि इस घनघोर गर्मी में भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि रात में महज 10 मिनट के लिए बिजली आती है और फिर दो-तीन घंटे के लिए गायब हो जाती है. यह भोर के 4 बजे तक लगातार चलता है.

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बगल की फैक्ट्री को 24 घंटे सप्लाई, गांवों को 8 घंटे भी नहीं

विद्युत उपभोक्ता राजकुमार त्रिपाठी ने बताया कि शासन की मंशा ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने की है, लेकिन उन्हें 8 घंटे भी आपूर्ति नहीं मिल रही. जब अधिकारी से बात करो, तो वे ऊपर से आदेश होने का बहाना बनाते हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि उनके बगल में स्थित एक फैक्ट्री को 24 घंटे निर्बाध बिजली दी जा रही है, जबकि आम जनता पूरी रात अंधेरे में रहने को मजबूर है.

पूर्व जिला अध्यक्ष बोले- लापरवाही बरत रहे हैं अधिकारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि व्यापारियों और किसानों द्वारा अनियमित कटौती की सूचना मिलने पर वह यहां आए हैं. सरकार की मंशा के विपरीत यहां बैठे अधिकारी पूरी तरह लापरवाही बरत रहे हैं जिसके कारण स्थिति खराब हुई है. उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि इस फीडर को रात्रि कटौती से मुक्त करना ही पड़ेगा. 

बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता की सफाई

हंगामे की सूचना पर पहुंचे अधिशासी अभियंता आशीष कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आया 6 घंटे की कटौती का रोस्टर दिन के बजाय रात में निर्धारित किया गया है, जिसके समय में थोड़ा परिवर्तन हुआ है. जनता की मांग है कि रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक निर्बाध आपूर्ति मिले. फिलहाल कंट्रोल से मिले कोड के अनुसार ही सप्लाई होती है, लेकिन जनता का मांग पत्र उच्च अधिकारियों को भेजकर निर्देशानुसार अनुपालन कराया जाएगा.

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