सड़क किनारे मिला 38 लाख कैश... बदल गई इस लड़के की जिंदगी!

पश्चिमी अफ्रीकी देश के एक लड़के की ईमानदारी के खूब चर्चे हो रहे हैं. लड़के की ईमानदारी से खुश हो कर देश के राष्ट्रपति ने भी उसे सम्मानित किया और लाखों रुपए का इनाम दिया.

Advertisement
रोड पर कैश मिलने के बाद एक लड़के की जिंदगी बदल गई. (प्रतीकात्मक फोटो) रोड पर कैश मिलने के बाद एक लड़के की जिंदगी बदल गई. (प्रतीकात्मक फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST
  • ईमानदारी की मिसाल बने इमैनुएल
  • इमैनुएल ने कहा- ईमानदार होना अच्छी बात है

अफ्रीकी देश के एक लड़के की ईमानदारी की मिसाल दी जा रही है. दरअसल, उसे रोड किनारे लगभग 38 लाख रुपए गिरे मिले थे. उसे अपने पास रख लेने के बजाय उसने वो पैसे उसके मालिक को दे दिये. लड़के को उसकी ईमानदारी का इनाम मिला.

खुद देश के राष्ट्रपति ने उसे 8 लाख रुपए दिए. यहां तक कि उसे देश के सबसे प्रतिष्ठित स्कूल में दाखिला मिला. इसके बाद वो अपने से 6 साल छोटे बच्चों के साथ पढ़ाई कर रहा है. इसके अलावा ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए एक अमेरिकी कॉलेज ने उसे फुल स्कॉलरशिप का ऑफर दिया है.

Advertisement

जमीन की खुदाई कर रहे शख्स को मिला खजाना, हुआ मालामाल
 

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 साल के इस लड़के का नाम इमैनुएल टुलो है. वह पश्चिमी अफ्रीकी देश लाइबेरिया का रहनेवाला है. वह मोटरबाइक टैक्सी ड्राइवर का काम करता था. लेकिन इससे वह अपने रोजाना होने वाले खर्चों को पूरा नहीं कर पा रहा था. एक दिन सड़क किनारे उसे लाइबेरियन और अमेरिकी नोटों से भरा एक थैला मिला. उसमें लगभग 38 लाख रुपए थे.

ये पैसे उसने अपनी चाची को दे दिया और कहा कि सरकारी रेडियो पर अगर इन पैसों के लिए कोई अपील करता है, तो वो उसे दे देगा. 

इमैनुएल की ईमानदारी का लोग मजाक उड़ाने लगे. और कहने लगे कि वो गरीबी में ही मरेगा. लेकिन उसकी सच्चाई के लिए उसे बहुत सारे इनाम मिले हैं.

Advertisement

राष्ट्रपति से मिला ईमानदारी का इनाम

इमैनुएल को लाइबेरिया के सबसे प्रतिष्ठित स्कूल रिक्स इंस्टीट्यूट में दाखिला मिल गया. राष्ट्रपति जॉर्ज विया ने इमैनुएल को लगभग 8 लाख रुपए दिए. एक लोकल मीडिया के मालिक ने व्यूअर्स और लिसनर्स से मिले कैश भी उसे दिए. जिस शख्स का पैसा इमैनुएल को मिला था उसने भी 1 लाख से ज्यादा रुपए का सामान लड़के को भेंट किया. इसके अलावा अमेरिका के एक कॉलेज ने सेकेंडरी एजुकेशन समाप्त होने के बाद उसे फुल स्कॉलरशिप देने की पेशकश की है.

राष्ट्रपति जॉर्ज विया के साथ इमैनुएल टुलो (Cresit- Emmanuel Tuloe/ Facebook)

बता दें कि ज्यादातर लाइबेरियन बच्चों को गरीब फैमिली बैकग्राउंड की वजह से स्कूल छोड़कर कोई नौकरी करनी पड़ती है. इमैनुएल को भी शुरुआती पढ़ाई के बाद 9 साल की उम्र में स्कूल छोड़ना पड़ा. क्योंकि तब उसके पिता की मौत हो गई थी. और उसे अपनी चाची के साथ रहना पड़ रहा था. परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए वो भी कमाई का जरिया ढूंढने लगा. बाद में वो मोटरबाइक टैक्सी चलाकर कुछ पैसे कमाने लगा.

'ईमानदार होना अच्छी बात है'

इसी बीच रोड किनारे उसे पैसे की थैली मिली. जिसने उसकी जिंदगी बदल दी. वो फिर से पढ़ाई कर पा रहा है. वो भी देश के सबसे अच्छे स्कूल में. इमैनुएल को पढ़ाई में उसके टीचर्स भी मदद कर रहे हैं. क्योंकि वो कई सालों तक पढ़ाई से दूर रहा था. उसे सेकंडरी स्कूल की पढ़ाई को पूरा करने में 6 साल लगेंगे. और 25 साल की उम्र में वो ग्रेजुएट हो जाएगा.

Advertisement

इमैनुएल ने कहा कि वो यूनिवर्सिटी में अकाउंटिंग की पढ़ाई करेगा. ताकि देश की अर्थव्यवस्था को संभालने में वो योगदान दे सके. उसने कहा- सभी लोगों को मेरा यही संदेश है कि ईमानदार होना अच्छी बात है, दूसरों का सामान ना लें.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement