सोशल मीडिया पर वायरल हुए डोनाल्ड ट्रंप नाम के भैंसे की कुर्बानी काफी चर्चा हो रही थी, लेकिन अब बकरीद पर उसकी कुर्बानी नहीं हुई. दरअसल, सुनहरे बालों की वजह से इस एल्बिनो भैंसे के वीडियो वायरल हुए थे और इसे डोनाल्ड ट्रंप नाम दिया गया था. बकरीद के लिए इसकी बलि देने से कुछ ही घंटे पहले बांग्लादेश की सरकार ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद इसकी कुर्बानी रोक दी गई. पहले इसे ईद पर कुर्बानी के लिए बेचा गया था, लेकिन वीडियो वायरल होने ने इसे दुनियाभर में फेमस कर दिया था.
ये भैंसा करीब 597 किलो का है. वीडियो वायरल होने के बाद इसे देखने के लिए काफी लोग जमा हो रहे थे. लोगों की इतनी दिलचस्पी देख सरकार ने इसकी कुर्बानी करने से मना कर दिया है और अब इसे चिड़ियाघर में रखा जाएगा. अब लोगों के देखने के लिए इस जू में शिफ्ट कर दिया गया है. इसके साथ ही उसे आधिकारिक देखरेख में रखा जाएगा.
कुछ दिन पहले इस भैंसे के काफी वीडियो वायरल हुए थे. अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने भैंस को बख्शने का आदेश दिया था. ईद की कुर्बानी के लिए जानवर खरीदने वाले खरीदार को भी पैसे वापस कर दिए जाएंगे. रॉयटर्स को मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा चिंताओं और जनता की असामान्य रुचि को देखते हुए कुर्बानी ना करे का फैसला किया गया है.
ढाका के केरानीगंज पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद रूहूल कुद्दुस ने कहा कि अधिकारियों का मानना है कि सफेद रंग का भैंसा अभी युवा है और कई और साल तक जीवित रह सकता है. उन्होंने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि पशुधन विभाग ने हमसे मालिक से भैंस लेने का अनुरोध किया क्योंकि यह एक दुर्लभ जानवर है. चिड़ियाघर के क्यूरेटर अतीकुर रहमान ने बताया कि जनता के सामने पेश किए जाने से पहले जानवर को दो सप्ताह तक क्वारंटाइन में रखा जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि हमने सफेद रंग की भैंस के लिए एक शेड निर्धारित किया है और एक केयरटेकर भी नियुक्त किया है.
कैसे हुआ था वायरल?
यह भैंसा जियाउद्दीन मृधा का था, जिन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई ने इसका नाम ट्रंप रखा था. परिवार के अनुसार, भैंसे के घने सुनहरे बाल उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की याद दिलाते थे. जो बात एक मजाक के तौर पर शुरू हुई थी, वह जल्द ही पूरे देश में आकर्षण का केंद्र बन गई. मृधा ने बताया कि फार्म आकर्षण का केंद्र बन गया क्योंकि लोग अब मशहूर हो चुकी भैंस की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े.
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