शादी जिंदगी का अहम फैसला होता है. हर कोई ऐसा हमसफर चाहता है जिसके साथ जिंदगी आसानी से गुजर सके. लेकिन सही साथी ढूंढना हमेशा आसान नहीं होता. यहीं से शुरू होती है कंपेटिबिलिटी की असली चुनौती.किसी को प्यार मिल जाता है और वही शादी में बदल जाता है. लेकिन कई लोगों के लिए यह सफर इतना सीधा नहीं होता. ऐसे में मैचमेकर की भूमिका अहम हो जाती है, जो लोगों के लिए सही जोड़ी तलाशने में मदद करते हैं.
ऐसी ही एक मैचमेकर ओएंद्रिला कपूर (Oendrila Kapoor) का एक अनुभव तेजी से वायरल हो रहा है. इस पोस्ट में उन्होंने एक IIT ग्रेजुएट की ऐसी डिमांड बताई है, जिसने बहस छेड़ दी है.भारत में IIT ग्रेजुएट का अपना अलग स्टेटस माना जाता है. अक्सर यह स्टेटस रिश्ते तय करने में भी भूमिका निभाता है. लेकिन इस मामले में जो शर्तें सामने आईं, उन्होंने लोगों को हैरान कर दिया.
ऐसी चाहिए दुल्हन
कपूर के मुताबिक, 37 साल का एक तलाकशुदा IIT ग्रेजुएट उनके पास रिश्ता ढूंढने आया. प्रोफाइल मजबूत था, लेकिन उसकी अपेक्षाएं चर्चा का केंद्र बन गईं.उसने साफ कहा कि उसे 30 साल से कम उम्र की लड़की चाहिए. जो कभी शादीशुदा न रही हो और किसी रिलेशनशिप में भी न रही हो.
लड़की का कोई पिछला रिश्ता न रहा हो
ओएंद्रिला कपूर ने बताया कि उसने ‘जीरो पास्ट’ के साथ-साथ ‘जीरो बॉडी काउंट’ की भी शर्त रखी. यानी लड़की का कोई पिछला रिश्ता या पार्टनर न रहा हो.इसके अलावा उसने ब्राह्मण समुदाय की होने की बात भी कही. खास बात यह रही कि खुद तलाकशुदा होने के बावजूद उसने इन शर्तों को गैर-समझौता योग्य बताया.
'रिलेशनशिप वाली महिलाएं कम वफादार'
जब कपूर ने इन शर्तों पर सवाल उठाया, तो वह अपने फैसले पर अड़ा रहा. उसने दावा किया कि कुछ 'रिसर्च' के मुताबिक ज्यादा रिलेशनशिप वाली महिलाएं कम वफादार होती हैं.जब उससे पूछा गया कि क्या यही नियम उस पर भी लागू होता है, तो उसने कहा कि नहीं, यह तुलना सही नहीं है. बाद में उसने यह भी जोड़ा कि क्योंकि मैं पुरुष हूं. कपूर ने इसे दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया. उनका कहना था कि ऐसी शर्तों वाली लड़की शायद ऐसे परिवार से आएगी, जो 37 साल के तलाकशुदा शख्स को स्वीकार न करे.आखिर में उन्होंने इस क्लाइंट के साथ काम करने से मना कर दिया.
देखें वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर बहस
पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई. बड़ी संख्या में यूजर्स ने इन शर्तों को अव्यावहारिक और जेंडर बायस बताया.कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि 37 साल का तलाकशुदा व्यक्ति ऐसी डिमांड कैसे कर सकता है. एक यूजर ने लिखा कि क्या वह खुद जीरो बॉडी काउंट है, जो ऐसी ही पार्टनर चाहता है.
वहीं कई यूजर्स ने तंज कसते हुए कहा कि अब समझ आता है कि तलाक क्यों हुआ होगा.कुछ लोगों का यह भी कहना था कि तलाकशुदा लोगों को अपने जैसे पार्टनर ही तलाशने चाहिए. वहीं किसी का कहना था कि एक्सपायर हो चुके मर्द की इतनी डिमांड कैसे हो सकती है
'वफादार जीवनसाथी की चाह रखना गलत कैसे'
हालांकि, सभी लोग इस राय से सहमत नहीं थे. कुछ यूजर्स ने इसे व्यक्तिगत पसंद का मामला बताया. एक यूजर ने लिखा कि तलाकशुदा होना और किसी का पास्ट होना अलग बात है. वहीं कुछ यूजर्स ने उसका पक्ष भी रखा. उनका कहना था कि वह यही कहना चाहता है. एक यूजर ने लिखा कि वफादार जीवनसाथी की चाह रखना गलत कैसे हो सकता है.
कुछ लोगों ने इसे भारतीय पारिवारिक मूल्यों से जोड़ते हुए कहा कि वह वैसा ही हमसफर चाहता है, जैसा पारंपरिक सोच में आदर्श माना जाता है.
कुछ लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए. एक यूजर ने बताया कि उसने ऐसे ही एक प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, जहां परिवार ने पूरी तरह एक्स-वाइफ को दोषी ठहराया था.
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की सोच तक सीमित नहीं है. यह दिखाता है कि आधुनिक रिश्तों में बराबरी की बात तो होती है, लेकिन पुराने नजरिए अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं.
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