ब्रेकअप किया तो देना होगा पैसा! चीन का अनोखा ट्रेंड हो रहा वायरल

चीन में फेनशोउ फेई या ब्रेकअप फीस नाम की एक अनोखी सामाजिक प्रथा चर्चा में है. इसके तहत कुछ मामलों में रिश्ता खत्म करने वाला व्यक्ति अपने पार्टनर को आर्थिक मुआवजा देता है. हालांकि यह कोई कानूनी नियम नहीं है, लेकिन कई लोग इसे रिश्ते में लगाए गए समय, भावनाओं और खर्च की भरपाई के रूप में देखते हैं.

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लोचकों का मानना है कि इससे प्यार और रिश्तों को पैसों से जोड़ दिया जाता है. ( Photo: ITG) लोचकों का मानना है कि इससे प्यार और रिश्तों को पैसों से जोड़ दिया जाता है. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:28 AM IST

प्यार में लोग एक-दूसरे पर समय, भावनाएं और पैसा खर्च करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रिश्ता खत्म होने पर भी किसी को पैसे देने पड़ सकते हैं. चीन में इन दिनों एक ऐसी ही अनोखी प्रथा चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे 'ब्रेकअप फीस' कहा जाता है. इस चलन के तहत कुछ मामलों में रिश्ता खत्म करने वाला व्यक्ति अपने पार्टनर को पैसे देता है. हालांकि यह कोई कानूनी नियम नहीं है, लेकिन चीन में इसे लेकर लंबे समय से बहस चल रही है. कुछ लोग इसे रिश्ते में किए गए इंवेस्ट की भरपाई मानते हैं, तो कुछ इसे प्यार का 'व्यावसायीकरण' बताते हैं. आखिर क्या है यह ब्रेकअप फीस और क्यों हो रही है इसकी इतनी चर्चा, आइए जानते हैं.

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कैसे तय होती है ब्रेकअप फीस?
आमतौर पर जब कोई रिलेशनशिप खत्म होता है, तो जो व्यक्ति रिश्ता तोड़ता है, वह दूसरे व्यक्ति को कुछ पैसे दे सकता है. यह रकम किसी तय नियम के अनुसार नहीं होती. यह दोनों लोगों की आपसी सहमति, रिश्ते की अवधि और परिस्थितियों पर निर्भर करती है.  कई मामलों में यह राशि कुछ हजार युआन होती है, जबकि कुछ चर्चित मामलों में यह लाखों युआन तक पहुंच गई है. इस प्रथा के समर्थकों का कहना है कि जब दो लोग लंबे समय तक रिश्ते में रहते हैं, तो वे एक-दूसरे पर समय, भावनाएं और कई बार पैसा भी खर्च करते हैं. ऐसे में अचानक रिश्ता टूटने पर दूसरे व्यक्ति को भावनात्मक और आर्थिक नुकसान हो सकता है. इसलिए ब्रेकअप फीस को एक तरह के मुआवजे या सम्मानजनक विदाई के रूप में देखा जाता है.

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लोग इसे सही क्यों मानते हैं?
हालांकि सभी लोग इस सोच से सहमत नहीं हैं.  कई आलोचकों का मानना है कि प्यार और रिश्तों को पैसों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. उनका कहना है कि अगर किसी रिश्ते की कीमत पैसे से तय होने लगे, तो यह भावनाओं की अहमियत को कम कर देता है. कुछ लोग इसे गलत परंपरा भी मानते हैं क्योंकि इससे रिश्तों में लेन-देन की भावना बढ़ सकती है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चीन में ब्रेकअप फीस देना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है. 

कोई व्यक्ति सिर्फ इसलिए पैसे देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता क्योंकि उसने रिश्ता खत्म किया है. लेकिन यदि दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई लिखित समझौता मौजूद हो और उसमें ब्रेकअप के समय भुगतान की शर्त शामिल हो, तो अदालत उस समझौते को देख सकती है. ऐसे मामलों में कानूनी विवाद भी सामने आ चुके हैं.

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी रहती है बहस
चीन में सोशल मीडिया पर भी इस विषय पर अक्सर बहस होती रहती है. कुछ लोग इसे आधुनिक रिश्तों की वास्तविकता बताते हैं, जबकि कुछ इसे प्यार का व्यवसायीकरण मानते हैं. युवा पीढ़ी के बीच इस विषय को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिलती है. एक चर्चित मामले में बताया गया था कि एक व्यक्ति ने अपनी एक्स गर्लफ्रेंड को काफी बड़ी रकम दी थी. ऐसे मामलों के सामने आने के बाद ब्रेकअप फीस की चर्चा और तेज हो गई.

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हालांकि ऐसे उदाहरण बहुत आम नहीं हैं और अधिकांश रिश्तों में कोई आर्थिक लेन-देन नहीं होता. कुल मिलाकर, चीन की ब्रेकअप फीस कोई आधिकारिक कानून नहीं बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक चर्चा का विषय है. कुछ लोग इसे रिश्ते में किए गए निवेश की भरपाई मानते हैं, जबकि दूसरे लोग इसे प्यार और भावनाओं के खिलाफ बताते हैं. यही वजह है कि यह प्रथा आज भी बहस का विषय बनी हुई है और दुनिया भर के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती रहती है.

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