ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से अपना 18 साल पुराना राजनीतिक रिश्ता खत्म किया तो मध्य प्रदेश की राजनीति में ही भूचाल आ गया. पूरे पांच साल चलने वाली और 121 विधायकों के समर्थन वाली कांग्रेस सरकार अचानक से अल्पमत में आ गई. अब कांग्रेस के सामने अगले कुछ दिनों में विश्वासमत साबित करने की जिम्मेदारी है. ऐसे में कयास लग रहे थे कि कहीं कांग्रेस भी बीजेपी के विधायकों को न तोड़ ले. इससे सावधान होते हुए बीजेपी अपने सभी विधायकों को आधी रात को दिल्ली ले आई और गुरुग्राम के पास मानेसर में एक फाइव स्टार होटल में ठहरा दिया है. (Photo: Social Media)
कड़ी सुरक्षा के पहरे के बीच मध्य प्रदेश के तमाम बीजेपी विधायकों को गुरुग्राम की आईटीसी ग्रैंड भारत होटल में ठहराया गया है. इन विधायकों की सुरक्षा में हरियाणा सीआईडी को तैनात किया गया है.
मंगलवार देर रात तकरीबन 1:30 बजे चार्टर्ड प्लेन के जरिए एयरलिफ्ट करके लाए गए इन तमाम विधायकों को सुरक्षा के बीच रखा गया है.
भोपाल से दिल्ली लाए बीजेपी के इन विधायको के साथ मध्य प्रदेश के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष राकेश सिंह नजर आए, जिनकी अगुवाई में सारे विधायक भोपाल से दिल्ली आए हैं.
बीजेपी के सभी 107 विधायकों के भोपाल से दिल्ली आने की खबर मीडिया को थी. इस वजह से दिल्ली के एयरपोर्ट पर रात को डेढ़ बजे मीडियाकर्मी वहां डटे हुए थे.
एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही सभी विधायकों को लग्जरी बस में बैठाया गया और फिर कड़ी सुरक्षा में उन्हें गुरुग्राम के आईटीसी ग्रैंड भारत होटल में पहुंचाया गया. बीजेपी के विधायक जहां गुरुग्राम में हैं वहीं कांग्रेस से बागी हुए 22 विधायकों को बेंगलुरू में रखा गया है.
होटल के कैंपस के अंदर घुसने से पहले ही बेरिकेड लगा दिए गए हैं जहां से अंदर जाने की इजाजत किसी को नहीं है. सिर्फ होटल का स्टाफ ही अंदर जा सकता है.
बता दें कि 22 विधायकों के इस्तीफे के साथ ही कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. एमपी के सीएम कमलनाथ की ओर से दावा किया जा रहा है कि वो अभी भी बहुमत हासिल कर लेंगे. विधायकों के इस्तीफे के बाद विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा भी गिरकर 104 पहुंच गया है.
22 इस्तीफों के बाद कांग्रेस की संख्या 114 से 92 हो गई है. हालांकि, मंगलवार शाम कमलनाथ की बैठक में कांग्रेस के 92 की बजाय 88 विधायक ही पहुंचे. लेकिन अब तक सपा-बसपा और निर्दलीयों की मदद से कांग्रेस के पास 99 विधायकों का समर्थन हासिल है. जबकि बीजेपी के पास 107 विधायकों का आंकड़ा है.