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सऊदी की 'सीक्रेट' शराब की दुकान, कैसे मिलती है एंट्री और कौन कर सकता है खरीदारी?

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 07 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:57 PM IST
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सऊदी अरब ने 1952 में शराब की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था. लंबे समय तक यह कानून सख्ती से लागू रहा और शराब सिर्फ प्राइवेट पार्टियों, डिप्लोमैटिक मिशनों और ब्लैक मार्केट के जरिए ही मिलती थी. अब पहली बार सरकार ने चुनिंदा विदेशी रेजिडेंट्स के लिए शराब खरीदने की अनुमति देकर ऐतिहासिक बदलाव शुरू किया है.

(Representative Image – Pixabay)

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रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर में एक गुप्त शराब स्टोर खोला गया है, जिसकी इमारत पर कोई बोर्ड या नाम नहीं है.बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक दुकान का पता न तो ऑनलाइन उपलब्ध है और न आधिकारिक रूप से घोषित किया गया. यह सऊदी की सबसे सुरक्षित और विदेशी-प्रधान लोकेशन में है, जहां एंट्री बेहद नियंत्रित और सीमित रखी गई है.

(Representative Image – Pixabay)


 

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स्टोर में प्रवेश से पहले ग्राहकों के मोबाइल फोन को सील बैग में बंद किया जाता है, ताकि कोई फोटो या वीडियो न बनाई जा सके. एंट्री पर दो-स्तरीय सुरक्षा जांच होती है. अंदर नियमित सुपरमार्केट जैसा माहौल है, लेकिन हर खरीदारी पूरी तरह रिकॉर्ड होती है और हर ग्राहक के लिए अलग मासिक कोटा तय किया जाता है.

(Representative Image – Pexel)

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सऊदी अरब ने बिना किसी औपचारिक घोषणा के अमीर विदेशी रेजिडेंट्स को शराब खरीदने की अनुमति देना शुरू कर दिया है. यह जानकारी बीबीसी की एक रिपोर्ट से सामने आई है. रिपोर्ट में बताया गया कि देश ने लगभग 73 साल पहले शराब की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगाया था, और अब पहली बार इसमें सीमित ढील दी जा रही है.

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सऊदी अरब में शराब की पहली अधिकृत दुकान जनवरी 2024 में रियाद में शुरू की गई थी. शुरुआत में इस स्टोर में खरीदारी का अधिकार केवल गैर-मुस्लिम डिप्लोमैट्स तक सीमित था, लेकिन बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत में चुपचाप लागू किए गए नए नियमों के बाद अब अमीर, गैर-मुस्लिम विदेशी निवासी भी यहां से बीयर, वाइन और स्पिरिट खरीद सकते हैं.

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सऊदी सरकार ने शराब खरीदने की अनुमति सिर्फ ग़ैर-मुस्लिम विदेशी रेजिडेंट्स को दी है. सबसे पहले यह सुविधा सिर्फ डिप्लोमैट्स के लिए थी, लेकिन अब खास योग्यता पूरी करने वाले अमीर विदेशी भी खरीद सकते हैं. मुस्लिम विदेशी, सऊदी नागरिक और सामान्य श्रेणी के एक्सपैट्स इस नियम से पूरी तरह बाहर रखे गए हैं.

(Representative Image – Pexel)

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जो विदेशी Premium Residency Permit लेते हैं, उन्हें सबसे पहले एंट्री मिलती है. यह परमिट काफी महंगा है और इसकी सालाना फीस 100,000 रियाल है. आमतौर पर ये परमिट विदेशी निवेशकों, वरिष्ठ कंपनी अधिकारियों और उच्च कौशल वाले प्रोफेशनल्स को मिलता है. यह अनुमति सीधे शराब खरीदने की पात्रता बन जाती है.

(Representative Image – Pixabay)

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जिन विदेशी कर्मचारियों की मासिक कमाई 50,000 रियाल से ज्यादा है, उन्हें भी शराब खरीदने की अनुमति मिलती है. ऐसे लोगों को अपनी रेजिडेंट ID के साथ कंपनी की तरफ से जारी सैलरी सर्टिफिकेट दिखाना होता है. यह नियम सुनिश्चित करता है कि शराब सिर्फ सीमित और आर्थिक रूप से सक्षम वर्ग तक ही रहे.

(Representative Image – Pixabay)

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स्टोर में बीयर, वाइन और सभी प्रमुख ब्रांडेड व्हिस्की उपलब्ध हैं, लेकिन कीमतें पश्चिमी देशों के मुकाबले दो से तीन गुना ज्यादा हैं. इसके बावजूद यह सऊदी के ब्लैक मार्केट से काफी सस्ता है. हर ग्राहक के लिए पॉइंट बेस्ड कोटा सिस्टम है, जिसमें हर महीने दर्जनों लीटर तक शराब खरीदने की अनुमति दी जाती है.

(Representative Image – Pexel)

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सऊदी सरकार ने शराब बिक्री पर ढील को सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया है. विश्लेषकों के अनुसार सरकार जानबूझकर धीमी और सावधान रणनीति अपना रही है. यह एक तरह का टेस्टिंग स्टेज है.अगर समाज और सिस्टम इसे स्वीकार करता है, तभी आगे बढ़ाया जाएगा.

(Representative Image – Pexel)

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यह नीति अभी भी बेहद सीमित है. मुस्लिम विदेशी रेजिडेंट्स और सभी टूरिस्ट इस स्टोर में प्रवेश नहीं कर सकते. सऊदी नागरिकों के लिए तो यह पूरी तरह प्रतिबंधित है. धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार इस बदलाव को सार्वजनिक स्तर पर नहीं बढ़ा रही. भविष्य में पर्यटन के लिए नियम ढीले होने की संभावना जरूर जताई जा रही है.

(Representative Image – Pexel)

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