पाकिस्तान की इमरान खान सरकार के ना तो वहां की न्यायपालिका से अच्छे संबंध हैं और ना ही वहां की मीडिया से. इमरान आए दिन इस बारे में बयान देते रहते हैं. ताजे बयान में भी उन्होंने मीडिया पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में मौजूद माफिया विकास की राह का रोड़ा बना हुआ है.
दरअसल, इमरान खान ने गुरुवार को पंजाब प्रांत के पिंड दादन खान में एक नहर परियोजना की आधारशिला रखने के दौरान कहा कि मीडिया और अखबारों में माफिया बैठा हुआ है और इसका काम ही बुरी खबरों को प्रकाशित करना है. कई पत्रकार पुरानी व्यवस्था में पैसे बनाते थे.अब इनकी यह रोजी बंद हो गई है, इसलिए खिलाफ लिख रहे हैं.
'जेल जाने का डर':
इमरान ने कहा कि भ्रष्ट नेताओं का माफिया रोज सरकार के खिलाफ शोर मचाता है. इन्हें जेल जाने का डर है. अगला साल इनके लिए बहुत बुरा होगा क्योंकि यह और चीखेंगे. जनता को मेरे साथ खड़ा होना होगा. साल 2020 में आपको तब्दीली और खुशहाली नजर आएगी.
विपक्ष का पलटवार:
आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान के इस बयान पर विपक्षी दलों ने पलटवार किया है. पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने कहा कि नालायक, अक्षम और सेलेक्टेड प्रधानमंत्री द्वारा मीडिया को माफिया कहना शर्मनाक है. संसद, रोजगार, कारोबार, रोटी को बंद करने वाला मीडिया को माफिया कह रहा है.
'इमरान बताएं कौन है माफिया':
पत्रकारों ने भी इमरान के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री साफ बताएं कि कौन माफिया है? जिसने पैसा लिया है, उसका नाम बताएं और ऐसे लोगों को गिरफ्तार करें.
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर के जियो न्यूज चैनल के शो 'कैपिटल टॉक' में वरिष्ठ पत्रकार जावेद चौधरी ने कहा कि हमने हमेशा यही देखा है कि जो सरकार जाने वाली होती है, उसे मीडिया में कमियां दिखाई देने लगती हैं. तब उन्हें लगने लगता है कि मीडिया बिका हुआ है. जब नवाज शरीफ की सरकार थी, तो उनका कहना था कि मीडिया इमरान खान के हाथों बिका हुआ है.
हामिद मीर ने कहा कि 2012 में हमने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि सूचना मंत्रालय के पास एक सीक्रेट फंड है जिससे कुछ पत्रकारों को रिश्वत दी जाती है, इसे बंद कराया जाए. अदालत ने न सिर्फ इस फंड को फ्रीज किया बल्कि पैसे लेने वाले पत्रकारों की सूची भी जारी की थी.
भारत को दी फिर धमकी:
इमरान खान ने पंजाब प्रांत की इसी रैली में बोलते हुए एक बार फिर भारत से युद्ध में निपटने की चुनौती दे डाली है. इस बार उन्होंने सेना प्रमुख जावेद बाजवा के हवाले से बयान दिया है
इमरान खान ने कहा कि सैन्य प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने उन्हें आश्वस्त किया था कि 'अगर भारत पीओके पर हमला करता है तो पाकिस्तानी सेना भारत के लिए तैयार है.' हालांकि उनके भाषण से साफ था कि उन्हें भारत से डर भी है.
रैली में इमरान ने एक बार फिर भारत के नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर रोना रोया. उन्होंने सीएए का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का इस्तेमाल कश्मीर) में 'कुछ' करने के लिए करेंगे.