शिमला, मनाली ही नहीं इन गांवों की भी करें सैर, जहां प्रकृति और संस्कृति का होता है संगम

भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें भी ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं, जैसे कि पर्यटन मंत्रालय की "अतुल्य भारत" पहल और ग्रामीण पर्यटन विकास योजनाएं.

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भारत के गावों की करें सैर (Photo: AI-generated) भारत के गावों की करें सैर (Photo: AI-generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 3:48 PM IST

भारत, अपनी संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए दुनिया भर में मशहूर है. ग्रामीण पर्यटन, जो भारतीय गांवों के सादगी भरे जीवन, कला, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता को उजागर करता है, तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यह न केवल शहरी जीवन की भागदौड़ से राहत देता है, बल्कि स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त भी बनाता है. ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से पर्यटक भारत की आत्मा को करीब से अनुभव कर सकते हैं, हम भारत के कुछ ऐसे गांवों के बारे में बताएंगे जहां एक बार तो जरूर जाना चाहिए.

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भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें भी ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं, जैसे कि पर्यटन मंत्रालय की "अतुल्य भारत" पहल और ग्रामीण पर्यटन विकास योजनाएं.

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भारत में घूमने योग्य कुछ प्रमुख गांव

माणा गांव, उत्तराखंड

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित माणा गांव भारत का अंतिम गांव है, जो तिब्बत सीमा के पास बसा है. यह गांव अपनी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है. माना जाता है कि यहां महाभारत काल में पांडवों ने समय बिताया था और व्यास गुफा में महाभारत की रचना हुई थी. पर्यटक यहां व्यास गुफा, गणेश गुफा, और भीम पुल जैसे स्थानों पर घूमने जा सकते हैं. माणा की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालय की गोद में बसे होने के कारण, इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श बनाती है.

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कैसे पहुंचें:
 
निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट, देहरादून (लगभग 300 किमी) है यहां से आप टैक्सी या बस से गांव जा सकते हैं और निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है जो गांव से करीब 275 किमी दूर है.

शेखावाटी, राजस्थान

शेखावाटी, राजस्थान का एक गांव जो अपनी हवेलियों और फ्रेस्को चित्रों के लिए जाना जाता है, जिसे "राजस्थान की खुली कला गैलरी" भी कहा जाता है. मंडावा, नवलगढ़ और फतेहपुर जैसे गांवों में पर्यटक खूबसूरत हवेलियों, स्थानीय हस्तशिल्प और राजस्थानी संस्कृति का अनुभव कर सकते हैं. यह क्षेत्र अपनी आतिथ्य सत्कार और पारंपरिक व्यंजनों जैसे दाल-बाती-चूरमा के लिए भी प्रसिद्ध है.

कैसे पहुंचें: निकटतम हवाई अड्डा जयपुर (संगानेर हवाई अड्डा, लगभग 150 किमी) है. जयपुर और बीकानेर से सड़क मार्ग से भी यहां जा सकते हैं.

खजुराहो के ग्रामीण क्षेत्र, मध्य प्रदेश

खजुराहो, अपने विश्व प्रसिद्ध मंदिरों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्र भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. ये गांव स्थानीय शिल्पकला, पारंपरिक बाजार और ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव प्रदान करते हैं. पर्यटक यहां स्थानीय समुदायों के साथ समय बिता सकते हैं और मध्य प्रदेश की संस्कृति को करीब से देख सकते हैं.

कैसे पहुंचें: खजुराहो  जाने के लिए आप हवाई जहाज, ट्रेन या सड़क मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं. खजुराहो का अपना एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन दोनों है. 

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डिस्किट, लद्दाख

लद्दाख की नुब्रा घाटी में बसा डिस्किट गांव अपनी शांति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है. यह गांव बौद्ध मठों, जैसे डिस्किट गोम्पा, और मैत्रेय बुद्ध की विशाल मूर्ति के लिए जाना जाता है. पर्यटक यहां ऊंट सफारी, नुब्रा घाटी की सैर और दोसमोचे त्योहार का हिस्सा बन सकते हैं.

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