भारत की वो 5 जगहें, जहां मोबाइल नहीं, दिल की धड़कनें सुनाई देती हैं

मोबाइल की घंटी, लगातार आती नोटिफिकेशन और शहरी शोर से अगर आप भी थक चुके हैं, तो भारत में आज भी कुछ ऐसी जगहें मौजूद हैं जहां सुकून है, यहां फोन साइलेंट और मन खुद-ब-खुद हल्का हो जाता है.

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प्रकृति की गोद में करें डिजिटल डिटॉक्स (Photo: Pixabay) प्रकृति की गोद में करें डिजिटल डिटॉक्स (Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 27 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:46 PM IST

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम हर समय मोबाइल नोटिफिकेशन और कॉल के शोर से घिरे रहते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसी भी कोई जगह हो सकती है जहां सुबह की शुरुआत अलार्म से नहीं, बल्कि परिंदों की मीठी चहचहाहट से हो? दरअसल, भारत में आज भी कुछ ऐसी अनछुई और शांत जगहें मौजूद हैं, जहां शहरी कोलाहल का शोर फीका पड़ जाता है और मोबाइल नेटवर्क भी अक्सर आपका साथ छोड़ देता है. यही वजह है कि इन जगहों पर आप प्रकृति के साथ एक ऐसा रिश्ता जोड़ पाते हैं, जो शहरों में मुमकिन नहीं है. जानते हैं देश के उन शांत कोनों के बारे में, जहां फोन साइलेंट होगा और दिल सुकून के करीब.

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चितकुल, हिमाचल प्रदेश 

किन्नौर जिले में बसा चितकुल भारत का अंतिम बसा हुआ गांव है. खास बात यह है कि भारत-तिब्बत सीमा के बेहद करीब होने के कारण यहां मोबाइल सिग्नल बहुत कमजोर या न के बराबर रहते हैं. इतना ही नहीं, यहां पहुंचकर आपको ऐसा लगेगा जैसे वक्त थम सा गया है. बसपा नदी का शोर और पहाड़ों के बीच चहचहाते परिंदे ही यहां आपके एकमात्र साथी होंगे. अगर आप शोर से दूर किसी एकांत की तलाश में हैं, तो यह गांव आपको जरूर पसंद आएगा.

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चोपता, उत्तराखंड

अगर आप उत्तराखंड की वादियों के शौकीन हैं, तो चोपता आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. घने देवदार के जंगलों से घिरी यह जगह अपने सन्नाटे के लिए जानी जाती है. इसके अलावा, यहां नेटवर्क की कमी आपके लिए एक वरदान साबित होती है, क्योंकि यहां फोन की घंटी का शोर नहीं, बल्कि दुर्लभ पक्षियों का संगीत सुनाई देता है. वहीं दूसरी ओर, हिमालय की चोटियों का नजारा इस जगह की शांति में चार चांद लगा देता है.

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बिनसर, उत्तराखंड 

हिमालय की गोद में बसा बिनसर वन्यजीव अभयारण्य पक्षी प्रेमियों के लिए किसी तीर्थ से कम नहीं है. इतना ही नहीं, यहां परिंदों के चहचहाने की मधुर आवाजें सुबह से शाम तक गूंजती रहती हैं, जो किसी लोरी की तरह महसूस होती हैं. इस जगह की खास बात यह है कि यहां का शांत माहौल और शुद्ध हवा आपकी सारी मानसिक थकान मिटा देती है. बिनसर में मोबाइल का नेटवर्क भले ही आपको न मिले, लेकिन प्रकृति से आपका कनेक्शन फुल रहेगा.

जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश 

पूर्वोत्तर भारत की गोद में बसी ज़ीरो वैली एक ऐसी जगह है, जहां पहुंचकर आप डिजिटल दुनिया को पूरी तरह भूल जाएंगे. चारों ओर धान के हरे-भरे खेत, बांस के जंगल और ऊंचे पहाड़ इस घाटी को जादुई बनाते हैं. देखा जाए तो यह जगह अपनी जनजातीय संस्कृति और सादगी के लिए मशहूर है. इस जगह की शांति इतनी गहरी है कि आप खुद की सांसों को भी महसूस कर सकते हैं. साथ ही, यहां के खुले आसमान के नीचे परिंदों की आवाजें आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएंगी.

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चिल्का झील, ओडिशा

अगर आपको पानी और पक्षियों से प्यार है, तो ओडिशा की चिल्का झील का नालबाना द्वीप आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है. विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में यहां लाखों विदेशी पक्षी मेहमान बनकर आते हैं. झील के शांत पानी में नाव की सवारी करते हुए जब आप इन परिंदों की आवाजें सुनते हैं, तो आप दुनिया के सारे तनाव भूल जाते हैं. यही कारण है कि यह जगह उन लोगों के लिए सबसे मुफीद है जो कुछ समय के लिए मोबाइल की दुनिया से पूरी तरह कट जाना चाहते हैं.

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