फैमिली के साथ कहीं बाहर घूमने का प्लान बनते ही उत्साह तो बहुत होता है, लेकिन छोटे बच्चों के साथ सफर की बात आते ही कई माता-पिता थोड़े तनाव में आ जाते हैं. अक्सर यह डर रहता है कि कहीं बच्चा रास्ते में चिड़चिड़ा न हो जाए या उसकी सेहत न बिगड़ जाए. लेकिन हकीकत यह है कि अगर आप थोड़ी सी तैयारी पहले से कर लें, तो बच्चों के साथ ट्रैवल करना मुश्किल नहीं, बल्कि बहुत मजेदार हो सकता है.
सफर के दौरान बच्चे की छोटी-छोटी जरूरतों का ख्याल रखना और क्या करें-क्या न करें की बुनियादी बातों को अपनाना, आपकी यात्रा को तनावमुक्त बना सकता है. यहां कुछ ऐसे ही आसान टिप्स दिए गए हैं, जो आपकी अगली ट्रिप को यादगार बना देंगे.
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सफर को मजेदार बनाने के लिए 'क्या करें'
सफर को आरामदायक बनाने की सबसे पहली सीढ़ी है बेहतर प्लानिंग. आपको यह सोचना होगा कि कहां जाना है और कैसे जाना है, ताकि उसी हिसाब से तैयारी की जा सके. यात्रा पर निकलने से पहले ही बच्चे के स्नैक्स, जरूरी दवाइयां और उनके पसंदीदा खिलौने एक अलग बैग में पैक कर लें. ध्यान रखें कि आपके पास बच्चे और खुद के लिए कपड़ों की एक एक्स्ट्रा जोड़ी जरूर हो, ताकि इमरजेंसी में परेशान न होना पड़े. इतना ही नहीं, बच्चों को हमेशा मौसम के हिसाब से आरामदायक और लेयर वाले कपड़े पहनाएं, ताकि तापमान बदलने पर आप आसानी से एक लेयर हटा या बढ़ा सकें.
कहां ठहरना है और खान-पान का इंतजाम कैसे होगा, इसका रोल सबसे अहम है. अपने पास हैंड सैनिटाइजर, टिश्यू और वेट वाइप्स हमेशा रखें. बच्चों को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी और उनके पसंदीदा हल्के स्नैक्स (जैसे फल या ड्राई फ्रूट्स) साथ रखें. अगर आप रोड ट्रिप पर हैं, तो हर एक-डेढ़ घंटे में छोटे ब्रेक जरूर लें, ताकि बच्चे को थोड़ा घूमने-फिरने का मौका मिले. यहां तक कि आपको खुद भी शांत रहना होगा, यदि माता-पिता शांत रहेंगे, तो बच्चा भी सुरक्षित और खुश महसूस करेगा.
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भूलकर भी 'क्या न करें', बिगड़ सकता है मजा
सफर में कुछ बातों से बचना भी उतना ही जरूरी है. सबसे पहले, अगर आपका बच्चा बहुत छोटा है, तो शुरुआती 1-2 महीने ज्यादा भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें. यात्रा के दौरान बच्चों को बाहर का अस्वच्छ खाना बिल्कुल न दें, कोशिश करें कि घर से बना या भरोसेमंद ब्रांड का पैक्ड फूड ही खिलाएं. इतना ही नहीं, अक्सर हम बच्चों को शांत रखने के लिए उन्हें मोबाइल थमा देते हैं, लेकिन स्क्रीन टाइम ज्यादा करने की गलती न करें. इसके बजाय उनसे बातें करें या खिड़की के बाहर के नजारे दिखाएं.
अगर आप कार या बस में सफर कर रहे हैं, तो कोशिश करें कि बच्चे को सीधे खिड़की की तेज हवा न लगे. यहां तक कि सुरक्षा के लिहाज से बच्चे के चेहरे को किसी भारी चीज से पूरी तरह ढकने के बजाय, एक पतले सूती कपड़े का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर होता है. इतना ही नहीं, अपने ट्रैवल प्लान को बहुत ज्यादा एक्टिविटीज से न भरें, यात्रा में थोड़ा लचीलापन रखें ताकि बच्चे को पर्याप्त नींद मिल सके. आपको यह समझना होगा कि सफर के दौरान कहां रुकना है और कैसे आराम करना है, यह बच्चे की सेहत और मूड के लिए बेहद जरूरी है. सबसे अहम बात यह है कि मां का स्वस्थ रहना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि उनकी सेहत का सीधा असर बच्चे पर पड़ता है.
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