अगर आप हमेशा से Samsung का महंगा फ्लैगशिप फोन खरीदना चाहते थे, लेकिन उसकी कीमत देखकर रुक जाते थे, तो अब कंपनी ने आपके लिए नया रास्ता खोल दिया है.
साउथ कोरियन कंपनी Samsung ने भारत में अपना सर्टिफाइड रीन्यू प्रोग्राम शुरू कर दिया है. अब कंपनी खुद अपने पुराने Galaxy स्मार्टफोन को रीफर्बिश करके बेच रही है.
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यानी फोन पुराना होगा, लेकिन उसे कंपनी फिर से टेस्ट, रिपेयर और क्लीन करके लगभग नए जैसा बनाकर बेच रही है. सबसे बड़ी बात ये है कि इसके साथ कंपनी की तरफ से 1 साल की वारंटी भी मिलेगी. गौरतलब है कि नए स्मार्टफोन पर भी एक साल की ही वॉरंटी मिलती है.
भारत में तेजी से बढ़ रहा रीफर्बिश्ड मार्केट
भारत में रीफर्बिश्ड फोन का बाजार काफी तेजी से बढ़ रहा है. अब तक लोग ऐसे फोन लोकल दुकानों, ऑनलाइन रीसेल प्लेटफॉर्म या छोटे विक्रेताओं से खरीदते थे. लेकिन वहां सबसे बड़ा डर यही रहता था कि फोन असली है या नहीं, बैटरी कितनी चलेगी, और बाद में खराब हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा. सैमसंग अब इसी डर को खत्म करने की कोशिश कर रही है.
सस्ते में मिलेंगे सैमसंग के ये स्मार्टफोन्स
कंपनी ने शुरुआत में कुछ प्रीमियम और मिड-रेंज Galaxy फोन इस प्रोग्राम में शामिल किए हैं. इनमें Galaxy S25, Galaxy S25 Ultra, Galaxy A56 5G और Galaxy A36 5G जैसे मॉडल शामिल हैं.
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सबसे ज्यादा चर्चा Galaxy S25 Ultra की हो रही है, क्योंकि यह Samsung के सबसे महंगे और प्रीमियम फोन में से एक माना जाता है. नया Galaxy S25 Ultra जहां करीब 1.2 लाख रुपये तक जाता है, वहीं इसका रिफर्बिश्ड वर्जन करीब 97,499 रुपये में बेचा जा रहा है.
इसी तरह Galaxy S25 का रीफर्बिश्ड मॉडल 58,749 रुपये में मिलेगा. वहीं Galaxy A56 5G का 8GB RAM मॉडल 31,499 रुपये और 12GB RAM मॉडल 32,749 रुपये में उपलब्ध है. बजट सेगमेंट में Galaxy A36 5G को 23 हजार रुपये के आसपास रखा गया है.
रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन्स के मायने क्या हैं?
सैमसंग का दावा है कि हर सर्टिफाइड रिफर्बिश्ड फोन को 147 पॉइंट क्वालिटी टेस्ट से गुजारा जाता है. कंपनी के टेक्नीशियन फोन के अंदर और बाहर दोनों हिस्सों की जांच करते हैं.
अगर किसी पार्ट में दिक्कत मिलती है तो उसे Samsung के असली पार्ट्स से बदला जाता है. कंपनी का कहना है कि इन फोन्स में नई बैटरी डाली जाती है और नया IMEI नंबर भी दिया जाता है. फोन में लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट भी पहले से इंस्टॉल रहेगा.
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यानी कंपनी कोशिश कर रही है कि यूजर को इस्तेमाल में ऐसा महसूस हो जैसे वह नया फोन चला रहा हो. बॉक्स में भी चार्जिंग केबल, सिम इजेक्टर टूल और जरूरी डॉक्यूमेंट मिलेंगे.
कम कीमत में महेंगे फीचर्स
दिलचस्प बात यह है कि सैमसंग सिर्फ सस्ते फोन बेचने की कोशिश नहीं कर रही, बल्कि इसका बड़ा फोकस प्रीमियम फोन को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है. आज AI फीचर्स, शानदार कैमरा, हाई-एंड प्रोसेसर और Galaxy AI जैसे फीचर्स सिर्फ महंगे फोन्स में मिलती हैं. लेकिन रीफर्बिश्ड मॉडल के जरिए अब ज्यादा लोग इन फीचर्स तक पहुंच पाएंगे.
कंपनी इसे इनवायरमेंट से भी जोड़ रही है. हर साल करोड़ों फोन ई-वेस्ट बन जाते हैं. ऐसे में पुराने फोन को दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाना इलेक्ट्रॉनिक कचरा कम करने का तरीका माना जा रहा है. कंपनी का कहना है कि यह प्रोग्राम सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देगा और पुराने डिवाइस को नई जिंदगी देगा.
हालांकि कुछ लोग इस प्राइसिंग पर सवाल भी उठा रहे हैं. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का कहना है कि रीफर्बिश्ड फोन की कीमत और नए फोन की कीमत में फर्क अभी भी कम है. यानी कुछ हजार रुपये और जोड़कर नया फोन भी खरीदा जा सकता है.
फिर भी टेक मार्केट के लिहाज से यह कदम बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि अब तक भारत में ऐपल जैसे ब्रांड रीफर्बिश्ड मार्केट में ज्यादा भरोसेमंद माने जाते थे. सैमसंग पहली बार बड़े स्तर पर अपने फ्लैगशिप फोन को ऑफिशियली रिफर्बिश्ड मॉडल में बेच रही है.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क