आज के समय में ढेरों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मौजूद है, जहां टीनएजर्स से लेकर बुजुर्ग तक मौजूद हैं. अब फेसबुक, इंस्टाग्राम और WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta ने बड़ा खुलासा किया है और बताया है कि टीनएजर्स सोशल मीडिया पर क्या करते हैं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, Meta ने कैलिफोर्निया कोर्ट में कहा है कि 5 में से करीब 1 टीएनजर्स इंस्टाग्राम पर अश्लील इमेज देख रहे हैं, जिन्हें वे देखना नहीं चाहते हैं. इन टीनएजर की उम्र 13 से 15 साल के बीच है.
Meta रिसर्चर कंपनी को सलाह
रिपोर्ट में आगे बताया है कि Meta रिसर्चर कंपनी को सलाह देती है कि वे अपना फोकस टीनएजर्स पर लगाएं क्योंकि वे अपने घर के फैसलों पर प्रभावित करते हैं. साथ ही वे लोग ही तय करते हैं कि उनके पेरेंट्स के स्मार्टफोन में कौन-कौन से ऐप होने चाहिए.
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न्यू यूजर्स के यंगर्ज जरूरी
रिसर्चर ने बताया है कि कंपनी न्यू यूजर्स बनाना चाहती है तो कंपनी को टीनएजर्स का पता लगाना होगा, जो अपने घर के फैसलों को प्रभावित कर सकता है. ये प्रोडक्ट टीनएजर्स की मेंटर हेल्थ को भी प्रभावित कर रहे हैं.
दुनियाभर में Meta पर लग चुके हैं गंभीर आरोप
Meta को कई बार दुनियाभर से ऐसे आरोपों की सामना करना पड़ा है कि कंपनी नौजवानों यूजर्स को नुकसान पहुंचा रही है. सिर्फ अमेरिका में ही मेटा के ऊपर कई केस चल रहे हैं, जहां कंपनी पर आरोप लगाए गए हैं कि वह नाबालिगों की मनोदशा से खेल रही है. साथ ही कई प्रोडक्ट को लेकर एडिक्टेड बना रही है.
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Meta के पास पॉपुलर ऐप्स का मालिकाना हक
Meta के दुनियाभर में करोड़ों यूजर्स हैं. इस कंपनी के पास दुनियाभर में सबसे ज्यादा पॉपुलर मैसेजिंग और सोशल मीडिया का मालिकाना हक है. इसमें WhatsApp, Instagram, Facebook आदि का मालिकाना हक है. हालाकि कंपनी ने इसको लेकर कोई जवाब नहीं दिया ै.
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