टीम इंड‍िया में क‍िसने किया था युवराज स‍िंह का अपमान? क्या व‍िराट कोहली के उस एक्शन से है र‍िटायरमेंट का सीधा कनेक्शन

युवराज सिंह के हालिया बयान ने भारतीय क्रिकेट के उस अध्याय को फिर से चर्चा में ला दिया है, जिसे लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं. सानिया मिर्जा के साथ एक इंटरव्यू के दौरान युवराज ने कहा कि उनको रेस्पेक्ट (सम्मान) नहीं मिला, इस वजह से उन्होंने क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया था. अब सवाल है कि क्या युवराज का इशारा व‍िराट कोहली की तरफ था.

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 क्या कोहली ने ही किया युवराज को टीम इंड‍िया से बाहर किया था, क्या उथप्पा का  बयान सही था, अब सान‍िया म‍िर्जा संगयुवराज का इंटरव्यू फ‍िर चर्चा में आ गया है. (Photo: Getty) क्या कोहली ने ही किया युवराज को टीम इंड‍िया से बाहर किया था, क्या उथप्पा का बयान सही था, अब सान‍िया म‍िर्जा संगयुवराज का इंटरव्यू फ‍िर चर्चा में आ गया है. (Photo: Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 30 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:46 PM IST

इंटरव्यू 1: ज्यादा द‍िन पुरानी बात नहीं हैं, जब रॉब‍िन उथप्पा ने रोहित शर्मा और व‍िराट कोहली की कप्तानी के पैटर्न को लेकर इंटरव्यू में चर्चा की थी. लल्लनटॉप संग यह इंटरव्यू 2025 का है. इस इंटरव्यू में उथप्पा ने  ही इस बात का दावा किया था कि कोहली ने युवराज सिंह को कैंसर से बाद टीम में वापसी पर ज्यादा मौके नहीं दिए, इस कारण वो टीम से बाहर हुए.

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रॉब‍िन ने इंटरव्यू में कहा कोहली की कप्तानी के तरीके की  वजह से युवराज ने खुद को 'अंडरवैल्यूड' और  'लेट डाउन' महसूस किया. यानी  युवराज को लगा कि उनकी  काबिलियत, योगदान या मेहनत को सही सम्मान नहीं मिल रह था. वहीं युवराज को यह भी लगा कि टीम या कप्तान ने उससे उम्मीदें तो रखीं, लेकिन मुश्किल वक्त में उसका साथ नहीं दिया.

इंटरव्यू 2: अब युवराज ने सान‍िया म‍िर्जा संग इंटरव्यू में कहा कि उनको ज‍िस समय रेस्पेक्ट और सपोर्ट म‍िलना चाहिए, वो नहीं मिला, इस वजह से उन्होंने 2019 में क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था.

युवी ने सानिया मिर्जा से पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा- मुझे अपने खेल में मजा नहीं आ रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था कि जब अच्छा ही नहीं लग रहा है तो मैं यह खेल क्यों खेल रहा हूं.मुझे किसी का साथ नहीं मिल रहा था. मेरी इज्जत नहीं हो रही थी. और मुझे लगा कि मैं यह क्यों कर रहा हूं.

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VIDEO: 29 म‍िनट 42 सेकंड: युवराज सानिया को अपने खराब दौर के बारे में बता रहे हैं

ये स‍िक्सर किंग युवराज को लेकर दो इंटरव्यू के वो दो अंश हैं. एक रॉब‍िन उथप्पा के बयान का, दूसरा खुद युवराज का. अब सवाल यह है कि युवराज का इशारा सान‍िया के इंटरव्यू में किस तरफ था, क्या वो व‍िराट कोहली ही थे, ज‍िसकी वजह से युवराज टीम से बाहर हुए. क्यों उनको रेस्पेक्ट  (आदर) और सपोर्ट (साथ) नहीं मिल रहा था, जिस वजह से उनको संन्यास लेना पड़ा. कौन था जो युवराज का सम्मान नहीं कर रहा था. 

यह भी पढ़ें: 'ना रेस्पेक्ट मिल रहा था और ना सपोर्ट...', युवराज ने सान‍िया म‍िर्जा को बताई क्रिकेट छोड़ने की असली वजह 

अब वापस आते हैं रॉब‍िन उथप्पा के इंटरव्यू पर... तब वो रोहित शर्मा और व‍िराट कोहली के कप्तानी के तरीके पर बात कर रहे थे. उथ्प्पा ने तब उस इंटरव्यू में यह भी कहा था कि विराट कोहली की कप्तानी पर की जाने वाली बातें कुछ हद तक स्पेक्युलेटिव हैं, लेकिन उनका लीडरशिप स्टाइल साफ तौर पर exclusive (एक्सक्लूसिव) रहा है. उथप्पा ने कहा विराट की कप्तानी का मूल मंत्र था – My way or the highway (मेरे रास्ते पर चलो, वरना दूसरा रास्ता देखो), उथप्पा कह रहे थे कि कोहली के तय किए गए फिटनेस, अनुशासन और सोच के स्तर तक आना होता था.

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वहीं उथप्पा ने इंटरव्यू में रोहित शर्मा की कप्तानी को inclusive (समावेशी) बताया था, यानी जो खिलाड़ी जैसा है, वहीं से उन्हें बेहतर बनाने की कोशिश हो.  दोनों तरह की लीडरशिप से रिजल्ट मिल सकते हैं, लेकिन खिलाड़ियों पर मानसिक और व्यक्तिगत असर दोनों में बहुत अलग होता है. एक्सक्लूसिव लीडरशिप में कई खिलाड़ी खुद को undervalued या let down महसूस कर सकते हैं, जबकि inclusive लीडरशिप में खिलाड़ी ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं.

युवराज को कैसे कोहली ने किया क‍िनारे, उथप्पा ने लगाए थे आरोप 
उसी इंटरव्यू में तब उथप्पा ने युवराज सिंह का उदाहरण देते हुए कहा गया कि उन्होंने न सिर्फ दो वर्ल्ड कप (2007 टी20 वर्ल्ड कप , 2011 वनडे वर्ल्ड कप) जीते, बल्कि कैंसर जैसी बीमारी को भी हराया, इसलिए वे एक खास अपवाद के हकदार थे. उथप्पा ने तब कहा था कोहली कप्तान थे, युवराज कमबैक कर टीम में आए थे, उनके फेफड़े की क्षमता कम हो गई थी. खुद कोहली उनके साथ उस दौर में थे, जब वो कैंसर की लड़ाई लड़ रहे थे. ( इंटरव्यू के बीच में यह भी कहा, यह बात उन्हें किसी ने बताई नहीं, बल्क‍ि इन सारी बातों पर नजर रखी).  

रॉब‍िन ने आगे इंटरव्यू में कहा था- युवराज ने फिटनेस टेस्ट के लिए अपने लेवल में सिर्फ 2 पॉइंट की छूट मांगी थी, लेकिन वह भी नहीं दी गई. उथप्पा का मानना है कि क्रिकेट फिटनेस, बैटिंग फिटनेस और मैच फिटनेस अलग-अलग चीजें हैं, और सिर्फ फिटनेस टेस्ट क्रिकेटिंग वैल्यू तय नहीं कर सकता. उथप्पा ने तब उस टेस्ट (यो यो टेस्ट नाम नहीं लिया) को ओवररेटेड बताया था.  

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उथप्पा ने तब यह भी बताया कि फिटनेस टेस्ट पास करने और टीम में लौटने के बावजूद, युवराज को एक खराब टूर्नामेंट के बाद फिर बाहर कर दिया गया और बाद में विराट के लीडरशिप ग्रुप ने उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया. 


यानी रॉब‍िन उथप्पा ने जो कुछ उस समय कहा था, और अब जो युवराज सिंह ने सान‍िया म‍िर्जा के इंटरव्यू में कहा है, उसमें कहीं ना कहीं कोई तगड़ा कनेक्शन तो है, और उसकी कढ़‍ियां जोड़ जाएं तो कोहली पर सवाल तो उठते ही हैं. क्योंकि तब कप्तान वहीं थे, उनके दौर में 2019 में वर्ल्ड के दौरान युवराज सिंह ने संन्यास लिया था. 

2017 में भारत के श्रीलंका दौरे से ठीक पहले तत्कालीन स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच शंकर बसु ने भारतीय क्रिकेट टीम में यो-यो इंटरमिटेंट रिकवरी टेस्ट लागू किया था. खिलाड़ियों कके  फिटनेस, स्टैमिना और स्पीड के स्तर को बेहतर बनाने के लिए लाया गया यह टेस्ट उस समय के कप्तान विराट कोहली के सपोर्ट से टीम में लागू हुआ था. और यह वही दौर था जब युवराज अपने कर‍ियर के अंत‍िम पड़ाव में चल रहे थे. 

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