टी20 क्रिकेट में ऐसा दौर आता है, जब खिलाड़ी नहीं बदलता- बल्कि खेल उसके खिलाफ बदल जाता है. वरुण चक्रवर्ती फिलहाल उसी मोड़ पर खड़े नजर आ रहे हैं. कुछ महीने पहले तक बल्लेबाजों के लिए पहेली रहे इस स्पिनर पर अब हमले हो रहे हैं, और यही बदलाव उनकी हालिया गिरावट की सबसे बड़ी वजह बन रहा है.
गुरुवार रात (3 अप्रैल) ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के इस धुरंधर की गेंदों पर जमकर वार हुए. सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ मैच में अभिषेक शर्मा ने वरुण चक्रवर्ती के खिलाफ एक ओवर में 2 छक्के और 3 चौके जड़कर टीम को 5 ओवरों में बिना किसी नुकसान के 71 रन तक पहुंचा दिया. चक्रवर्ती ने अपने पहले ओवर में 25 रन लुटाए.
दरअसल, हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच से वरुण (4-0-47-1) के आंकड़ों में अचानक गिरावट आई है. पिछले 7 टी20 मुकाबलों पर नजर डालें तो तस्वीर साफ हो जाती है- 25 ओवरों में 304 रन और इकोनॉमी 12.16. इस दौरान उनके खाते में सिर्फ 5 विकेट जुड़े. यह वही गेंदबाज है, जिसे हाल तक टीम की रणनीति का सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा था.
वरुण चक्रवर्ती: पिछले 7 टी20 मैचों में हुए... 'एक्सपोज'
| ओवर | मेडन | रन | विकेट | इकोनॉमी | विरोधी टीम | मैच तारीख - मैदान |
| 4.0 | 0 | 47 | 1 | 11.75 | दक्षिण अफ्रीका | 22 फरवरी 2026 – अहमदाबाद |
| 4.0 | 0 | 35 | 1 | 8.75 | जिम्बाब्वे | 26 फरवरी 2026 – चेन्नई |
| 4.0 | 0 | 40 | 1 | 10.00 | वेस्टइंडीज | 1 मार्च 2026 – ईडन गार्डन्स |
| 4.0 | 0 | 64 | 1 | 16.00 | इंग्लैंड | 5 मार्च 2026 – वानखेड़े |
| 3.0 | 0 | 39 | 1 | 13.00 | न्यूजीलैंड | 8 मार्च 2026 – अहमदाबाद |
| 4.0 | 0 | 48 | 0 | 12.00 | मुंबई इंडियंस | 29 मार्च 2026 – वानखेड़े |
| 2.0 | 0 | 31 | 0 | 15.50 | SRH | 2 अप्रैल 2026 – ईडन गार्डन्स |
तो इन आंकड़ों ने वरुण चक्रवर्ती के प्रदर्शन के ग्राफ को 'एक्सपोज' कर दिया है.
दूसरी तरफ, टी20 वर्ल्ड कप-2026 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच से पहले के 7 मैचों के आंकड़े देखें, तो वरुण चक्रवर्ती ने 24 ओवरों में 170 रन दिए और इस दौरान उनकी इकोनॉमी 7.08 ही रही. उन्हें 13 विकेट मिले. इन्हीं आंकड़ों से उन्होंने अपना सिक्का जमाया था.
2026 के शुरुआती 7 टी20 मैचों में वरुण की बल्ले-बल्ले -
| ओवर | मेडन | रन | विकेट | इकोनॉमी | विरोधी टीम | मैच तारीख - मैदान |
| 4.0 | 0 | 37 | 2 | 9.25 | न्यूजीलैंड | 21 जनवरी 2026 – नागपुर |
| 4.0 | 0 | 35 | 1 | 8.75 | न्यूजीलैंड | 23 जनवरी 2026 – रायपुर |
| 4.0 | 0 | 36 | 1 | 9.00 | न्यूजीलैंड | 31 जनवरी 2026 – तिरुवनंतपुरम |
| 4.0 | 0 | 24 | 1 | 6.00 | यूएसए | 7 फरवरी 2026 – वानखेड़े |
| 2.0 | 0 | 7 | 3 | 3.50 | नामीबिया | 12 फरवरी 2026 – दिल्ली |
| 3.0 | 0 | 17 | 2 | 5.66 | पाकिस्तान | 15 फरवरी 2026 – कोलंबो (RPS) |
| 3.0 | 0 | 14 | 3 | 4.66 | नीदरलैंड्स | 18 फरवरी 2026 – अहमदाबाद |
लेकिन असली कहानी सिर्फ कुल आंकड़ों में नहीं, बल्कि गेंदबाजी के बारीक पहलुओं में छिपी है. फुल लेंथ गेंदें, जो पहले नियंत्रण और विविधता के साथ आती थीं, अब बल्लेबाजों के लिए स्कोरिंग का आसान जरिया बन गई हैं. हालिया मैचों में 9 छक्के और 8 चौके लगना इस बदलाव को साफ दर्शाता है.
मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ हालिया मुकाबला इस ट्रेंड की ताजा मिसाल बना. रोहित शर्मा, जिनका रिकॉर्ड पहले वरुण के खिलाफ खास प्रभावी नहीं रहा था, उन्होंने इस बार शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. नतीजा- 4 ओवरों में 48 रन और कोई विकेट नहीं. यह सिर्फ एक खराब दिन नहीं, बल्कि बदलती मानसिकता का संकेत था.
पूर्व क्रिकेटर पीयूष चावला और अंबति रायडू का मानना है कि वरुण इस समय विकेट लेने की जल्दबाजी में अपनी स्वाभाविक लय से भटक रहे हैं. उनके मुताबिक, 'ब्रेकथ्रू' की तलाश में वह गेंद की गति बढ़ा रहे हैं, जिससे स्पिन कम हो रही है और उनकी सबसे बड़ी ताकत कमजोर पड़ रही है.
हालांकि, टीम मैनेजमेंट इस स्थिति को संकट नहीं मानता. केकेआर के हेड कोच अभिषेक नायर का मानना है कि यह दौर वरुण के लिए नया जरूर है, लेकिन कठिन नहीं. उनके अनुसार, वरुण की बुनियादी गेंदबाजी में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है- न स्पीड में, न लेंथ में. फर्क सिर्फ इतना है कि अब बल्लेबाज उनके खिलाफ बेहतर तैयारी के साथ उतर रहे हैं.
कोच नायर इसे वरुण की सफलता का परिणाम मानते हैं. उनका कहना है कि जब कोई गेंदबाज लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है, तो विपक्षी टीमें उसके खिलाफ विशेष रणनीति बनाती हैं. ऐसे में कुछ समय के लिए दबाव आना स्वाभाविक है.
रणनीतिक स्तर पर भी चर्चा जारी है. टीम इस बात पर विचार कर रही है कि क्या वरुण को कुछ खास परिस्थितियों में गेंदबाजी के लिए लाया जाए- जैसे पावरप्ले के बाद या विकेट गिरने के तुरंत बाद, ताकि उन्हें बेहतर शुरुआत मिल सके. हालांकि, मैनेजमेंट का झुकाव अब भी इस बात पर है कि टीम के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज को चुनौतीपूर्ण ओवरों में ही इस्तेमाल किया जाए.
फिलहाल स्थिति यह नहीं है कि वरुण चक्रवर्ती अपनी कला भूल गए हैं, बल्कि यह है कि अब उन्हें अपनी कला को नए सिरे से निखारना होगा. टी20 क्रिकेट में 'मिस्ट्री' हमेशा स्थायी नहीं रहती- उसे लगातार विकसित करना पड़ता है.
आने वाले कुछ मुकाबले यह तय करेंगे कि यह दौर एक अस्थायी गिरावट है या फिर वह चरण, जहां से वरुण को अपने खेल में बदलाव कर नई शुरुआत करनी होगी. फिलहाल, इतना तय है कि उनके सामने चुनौती बड़ी है, लेकिन वापसी की संभावना भी उतनी ही मजबूत.
विश्व मोहन मिश्र