राजस्थान रॉयल्स के युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में ऐसी तूफानी पारी खेली, जिसने पूरे टूर्नामेंट को हिला दिया. सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ बुधवार (27 मई) को मुल्लांपुर में खेले गए मुकाबले में 15 साल के इस बल्लेबाज ने सिर्फ 29 गेंदों पर 97 रन ठोक दिए. अपनी विस्फोटक पारी में उन्होंने 12 छक्के और 5 चौके लगाए.
वैभव सूर्यवंशी IPL इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने से बेहद करीब पहुंच गए थे. वह 28 गेंदों पर 97 रन बनाकर खेल रहे थे और रिकॉर्ड सिर्फ एक बड़े शॉट दूर था, लेकिन प्रफुल हिंगे की शॉर्ट गेंद पर अपर कट लगाने की कोशिश में डीप थर्ड मैन पर आर स्मरण को कैच थमा बैठे. अगर वह शतक पूरा कर लेते तो क्रिस गेल का 30 गेंदों में बनाया गया IPL का सबसे तेज शतक टूट जाता.
क्रिस गेल ने 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 30 गेंदों में शतक जड़ा था. उस मुकाबले में गेल ने 175 रन की नाबाद पारी खेली थी, जिसमें 17 छक्के और 13 चौके शामिल थे.
हालांकि शतक से चूकने के बावजूद वैभव सूर्यवंशी ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. मैच से पहले वह क्रिस गेल के एक सीजन में सबसे ज्यादा 59 छक्कों के रिकॉर्ड से सिर्फ 6 छक्के पीछे थे. SRH के खिलाफ 12 छक्के लगाने के बाद उन्होंने IPL 2026 में अपने छक्कों की संख्या 65 पहुंचा दी और गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया.
इस सीजन में वैभव सूर्यवंशी के बाद सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज अभिषेक शर्मा हैं, जिनके नाम 43 छक्के दर्ज हैं. यानी युवा बल्लेबाज ने बाकी खिलाड़ियों से काफी आगे निकलते हुए नया बेंचमार्क सेट कर दिया है.
यह पहली बार नहीं है जब वैभव सूर्यवंशी ने IPL में तूफानी बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक हिला दी हो. IPL 2025 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में शतक जड़ा था और 38 गेंदों पर 101 रन बनाए थे. उस पारी में उनके बल्ले से 11 छक्के और 7 चौके निकले थे.
इसके अलावा इसी सीजन सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने 37 गेंदों में 103 रन की पारी खेली थी. उस मैच में उन्होंने 12 छक्के और 5 चौके लगाए थे. वह पारी IPL इतिहास का तीसरा सबसे तेज शतक बनी थी, जो सिर्फ 36 गेंदों में पूरा हुआ था.
क्या शतक दिमाग में था, वैभव ने दिया बड़ा बयान
पहली पारी में ब्रेक के बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा- मेरे दिमाग में जरूर था कि यह नॉकआउट मुकाबला है, लेकिन कोचों ने कहा था कि जैसे प्रैक्टिस में खेलते हो, वैसे ही खेलो और दबाव मत लो.
जब उनसे पूछा गया कि क्या शतक दिमाग में था, तो उन्होंने कहा, मैं उस तरह से नहीं सोच रहा था. मैंने फील्डर को देखकर शॉट खेला, इसलिए टाइमिंग मिस हो गई. अगर मैं थर्ड मैन की दिशा में मारता तो गेंद आसानी से निकल जाती, लेकिन मैंने सीधा खेलने की कोशिश की और शॉट मिस हो गया. 243 रन के स्कोर पर उन्होंने कहा; जब मैं आउट हुआ तब भी लग रहा था कि 260 रन तक जा सकते हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क