भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने वार्म अप मैच में अपनी शानदार वापसी से यह लगभग साफ कर दिया है कि टी20 वर्ल्ड कप टीम में उनकी जगह अब पक्की मानी जा रही है. नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में तिलक ने जिस तरह आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाज़ी की, उसने टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं को राहत दी है.
तिलक वर्मा पिछले कुछ हफ्तों से इंजरी के कारण टीम से बाहर चल रहे थे. इस चोट को लेकर उनकी फिटनेस पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन मैदान पर उतरते ही उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह पूरी तरह फिट हैं और मैच के लिए तैयार भी. करीब एक महीने बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटे तिलक की टाइमिंग, फुटवर्क और शॉट सिलेक्शन देखकर कहीं से भी यह नहीं लगा कि वह लंबे समय तक चोट से जूझते रहे हैं.
ऑलराउंड प्रदर्शन पर भी दिया ध्यान
मैच से पहले तिलक ने नेट्स में जमकर पसीना बहाया था. उन्होंने सिर्फ बल्लेबाज़ी पर ही नहीं, बल्कि ऑलराउंड तैयारी पर भी ध्यान दिया. अभ्यास सत्र के दौरान वह रवि बिश्नोई के साथ गेंदबाज़ी करते भी नजर आए, जो यह दिखाता है कि टीम मैनेजमेंट उन्हें बहुआयामी खिलाड़ी के तौर पर देख रहा है.
नंबर-3 के लिए मजबूत दावेदारी
मैच के दौरान तिलक वर्मा ने मैदान के हर हिस्से में आकर्षक शॉट लगाए. उन्होंने रिवर्स स्वीप खेलकर स्पिनरों पर दबाव बनाया और जरूरत के समय लंबा छक्का भी जड़ा. हालांकि वह 38 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन उनकी यह पारी आंकड़ों से ज्यादा असरदार रही. इस छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी ने यह संदेश दे दिया कि टी20 वर्ल्ड कप में नंबर-3 की भूमिका के लिए तिलक पूरी तरह तैयार हैं.
टीम इंडिया को मध्यक्रम में एक ऐसे बल्लेबाज़ की तलाश थी जो दबाव में टिककर खेल सके और तेजी से रन भी बना सके. तिलक इस कसौटी पर खरे उतरते नजर आए हैं.
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ईशान किशन और संजू सैमसन की बढ़ी मुसीबतें
तिलक की वापसी से टीम का मध्यक्रम तो मजबूत हुआ है, लेकिन विकेटकीपर-बल्लेबाज़ की रेस और दिलचस्प हो गई है. संजू सैमसन हाल के मुकाबलों में रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे हैं, जबकि ईशान किशन ने मिले मौकों का बेहतर इस्तेमाल किया है.
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने संकेत दिए हैं कि 7 फरवरी को यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि वर्ल्ड कप की प्लेइंग-11 में ईशान किशन को मौका मिलेगा या संजू सैमसन को. मौजूदा फॉर्म को देखते हुए फिलहाल ईशान किशन का पलड़ा भारी माना जा रहा है.
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वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस चिंता
टीम इंडिया के लिए एक और बड़ी चुनौती ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस है. सुंदर अभी रिकवरी प्रक्रिया में हैं और उनकी उपलब्धता को लेकर पूरी तरह तस्वीर साफ नहीं है. इसी वजह से टीम मैनेजमेंट ने ‘प्लान-बी’ पर काम शुरू कर दिया है.
वॉशिंगटन के संभावित विकल्प के तौर पर रवि बिश्नोई को आजमाया जा रहा है. इसके अलावा अभ्यास मैचों में तिलक वर्मा, रियान पराग और आयुष बदोनी से भी गेंदबाज़ी कराई गई है. टीम चाहती है कि जरूरत पड़ने पर बल्लेबाज़ कुछ ओवर निकाल सकें.
अब सभी की नजरें 7 फरवरी पर टिकी हैं, जब टीम इंडिया वानखेड़े स्टेडियम से अपने अभियान की शुरुआत करेगी और वर्ल्ड कप के लिए अंतिम टीम का ऐलान किया जाएगा.
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