आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच नंबर-27 में रविवार (15 फरवरी) को भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 61 रनों से रौंद दिया. भारतीय टीम इस जीत के साथ ही सुपर-8 में पहुंच गई. वहीं पाकिस्तानी टीम को अब नामीबिया के खिलाफ मैच में हर हालत में जीत हासिल करनी होगी, नहीं तो उसका टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होना तय हो जाएगा.
भारत की जीत के बाद पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने पाकिस्तानी टीम को खरी-खरी सुनाई. सहवाग ने पाकिस्तान की टी20 रणनीति पर सवाल उठाए और टीम को जमकर लताड़ा. सहवाग का मानना है कि ईशान किशन ने एक सच्चे ‘धुरंधर’ की तरह बल्लेबाजी की. साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को टूर्नामेंट की सबसे आसान टीम बताते हुए कहा कि उनकी टी20 क्रिकेट खेलने की सोच '17वीं सदी' की है.
पूर्व भारतीय ओपनर ने ‘फुल कंबल कुटाई’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए इशारों-इशारों में पाकिस्तान की करारी हार का जिक्र किया. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्रिकेट फैन्स के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
वीरेंद्र सहवाग ने अपने X अकाउंट पर लिखा, 'ईशान किशन ने एकदम धुरंधर की तरह खेला. सभी छोटी टीमों में से पाकिस्तान को हराना भारत के लिए सबसे आसान लग रहा था क्योंकि टी-20 क्रिकेट के प्रति उनका रवैया 17वीं सदी जैसा है, लेकिन हमेशा की तरह उन्हें करारी हार मिली. फुल कंबल कुटाई.'
कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप में एक बार फिर पाकिस्तान पर अपना दबदबा कायम कर दिया. इस जीत के साथ भारतीय टीम का पाकिस्तान पर हेड टू हेड रिकॉर्ड 8-1 हो गया है, जो बड़े मंच पर उसकी निरंतर श्रेष्ठता को दर्शाता है. भारतीय टीम की जीत के स्टार 'प्लेयर ऑफ द मैच' ईशन किशन रहे.
उन्होंने 40 गेंदों पर 77 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया. गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट निकाले. इसके चलते भारत ने पाकिस्तान को महज 114 रन पर समेट दिया. भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ और आक्रामक रवैये के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई.
उधर करारी हार के बाद पाकिस्तान में हलचल तेज हो गई है. पूर्व कप्तान शाहिद आफरीदी ने सीनियर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं. उनके बयान से संकेत मिल रहे हैं कि टीम चयन और कॉम्बिनेशन को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है. इस मुकाबले ने एक बार फिर साफ कर दिया कि बड़े टूर्नामेंट में भारत का आत्मविश्वास और रणनीति पाकिस्तान पर भारी पड़ रहा है, जबकि पाकिस्तान को अब टीम संरचना पर गंभीर मंथन करना होगा.
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