पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कोच के तौर पर अपने करियर की शानदार शुरुआत की है. गांगुली इस समय SA20 लीग में प्रिटोरिया कैपिटल्स के हेड कोच की भूमिका निभा रहे हैं, जहां इस टीम ने टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है. कप्तान केशव महाराज की अगुवाई वाली प्रिटोरिया कैपिटल्स रविवार (25 जनवरी) को फाइनल खेलेगी.
बुधवार को क्वालिफायर-1 में प्रिटोरिया कैपिटल्स ने सनराइजर्स ईस्टर्न केप को 7 विकेट से हराकर फाइनल का टिकट कटाया. इस मुकाबले में डेवाल्ड ब्रेविस ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 38 गेंदों पर नाबाद 75 रन बनाए. उनकी इस तूफानी पारी में 4 चौके और 7 छक्के शामिल रहे।
पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सौरव गांगुली के पहले कोचिंग कार्यकाल की खुलकर तारीफ की. अश्विन ने कहा कि गांगुली यह दिखा रहे हैं कि भारतीय कोच भी दुनिया में बेहतरीन नेतृत्व कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ‘दादा’ अपनी कोचिंग से साउथ अफ्रीका में 'भूकंप ला रहे हैं.
अश्विन ने अपने पोस्ट में क्या लिखा?
रविचंद्रन अश्विन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'उन्होंने कभी कहा था कि जब मैं अपनी आत्मकथा लिखूंगा तो भूचाल आएगा. फिलहाल वह अपनी प्रिटोरिया कैपिटल्स टीम के साथ साउथ अफ्रीका में भूचाल ला रहे हैं. उनका नेतृत्व हमेशा प्रेरणादायक रहा है और कोच के तौर पर भी यह अलग नहीं है. सौरव गांगुली भारतीय कोचिंग को दुनिया तक ले जा रहे हैं.'
सौरव गांगुली ने अपने भविष्य को लेकर कहा, 'मैंने इस बारे में ज्यादा नहीं सोचा था क्योंकि मैं अलग-अलग भूमिकाओं में रहा. 2013 में मैंने क्रिकेट से संन्यास लिया और फिर बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) का अध्यक्ष बना. मैं अभी 53 साल का हूं, आगे क्या होगा यह देखा जाएगा. मैं इसके लिए खुला हूं.'
गौरतलब है कि SA20 के चौथे सीजन से पहले सौरव गांगुली को प्रिटोरिया कैपिटल्स का हेड कोच नियुक्त किया गया था. टीम के बैकरूम स्टाफ में शॉन पोलक भी शामिल हैं, जो असिस्टेंट कोच की भूमिका निभा रहे हैं. सौरव गांगुली को भारत के सबसे सफल कप्तानों में गिना जाता है.
सौरव गांगुली ने 113 टेस्ट और 311 वनडे इंटरनेशनल मैच खेलकर 18575 रन बनाए. उनकी कप्तानी में भारत 2003 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा. गांगुली के अंडर भारत ने साल 2002 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक नेटवेस्ट फाइनल जीता. क्रिकेट से संन्यास के बाद गांगुली क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष बने और फिर 2019 में बीसीसीआई के अध्यक्ष नियुक्त हुए. उनका कार्यकाल 2022 में समाप्त हुआ, जिसके बाद रोजर बिन्नी ने उनकी जगह ली थी.
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