भारतीय कप्तान शुभमन गिल दूसरे टेस्ट में किसी भी तरह से खेलना चाहते हैं, जबकि उनकी गर्दन की चोट को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरा टेस्ट शनिवार से शुरू हो रहा है, और गिल बुधवार को टीम के साथ गुवाहाटी पहुंच गए. लेकिन इस मुकाबले में खेलने के लिए गिल को दो टेस्ट यानी गुरुवार और शुक्रवार को बारसापारा स्टेडियम में होने वाले भारत के ट्रेनिंग सत्रों में अपनी फिटनेस साबित करनी होगी.
गर्दन में चोट की वजह से हुए थे बाहर
गिल पहले टेस्ट के दौरान बल्लेबाज़ी करते हुए गर्दन में चोट लगा बैठे थे. उन्हें दूसरे दिन स्ट्रेचर पर मैदान से ले जाया गया और बाद में अस्पताल में भर्ती किया गया. बीसीसीआई ने बुधवार को एक हेल्थ अपडेट जारी किया, जिसमें बताया गया कि गिल को यात्रा की मंजूरी मिल गई है और वह उपचार का अच्छा रिस्पॉन्स दे रहे हैं. हालांकि कई लोगों को उम्मीद थी कि वह दूसरे टेस्ट से बाहर हो जाएंगे, बोर्ड ने कहा कि उनके खेलने को लेकर अंतिम फैसला मैच से ठीक पहले लिया जाएगा.
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गिल को यह चोट कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में स्वीप शॉट खेलते हुए लगी थी. उस समय वह साफ तौर पर असहज दिख रहे थे और इसके बाद पूरे मैच से बाहर हो गए.
भारत को मिली थी करारी हार
गिल की अनुपस्थिति का पूरा असर भारत पर देखने को मिला. टीम पहली पारी में दक्षिण अफ्रीका को 159 पर ऑल आउट करने के बावजूद बड़ा बढ़त नहीं ले पाई. दूसरी पारी में 124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत 93 पर ढेर हो गया. यह घरेलू मैदान पर चौथी पारी का भारत का सबसे कम स्कोर है.
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गिल दूसरा टेस्ट खेलने पर अड़े
गिल की वापसी की बेचैनी समझ में आती है, क्योंकि वह किसी भी तरह टीम को एक और घरेलू क्लीन स्वीप से बचाना चाहते हैं. भारत ने अपने पिछले छह घरेलू टेस्ट में से चार गंवाए हैं, जो सभी गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद हुए हैं. पिछले साल न्यूजीलैंड ने इतिहास रचते हुए भारत को उसके घर में 3-0 से हराया था.
गिल का वर्कलोड भी एक चिंता
हालांकि टीम मैनेजमेंट उनके हालिया भारी वर्कलोड को देखते हुए सावधानी बरत सकता है. एशिया कप में T20I उप-कप्तान के रूप में खेलने के बाद, गिल ने पिछले महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज़ में हिस्सा लिया. इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया गए, जहां उन्होंने आठ व्हाइट-बॉल मैच खेले, जिनमें तीन ODI भी शामिल थे. जिनमें उन्होंने पहली बार भारत की कप्तानी की.
गिल ब्रिस्बेन से सीधे कोलकाता पहुंचने के अगले ही दिन टेस्ट की तैयारी में जुट गए थे. यदि गिल फिट होकर उपलब्ध होते हैं, तो भारत को एक उच्च-स्तरीय दाएं हाथ के बल्लेबाज़ की वापसी मिलेगी. पहली बार भारत ने किसी टेस्ट XI में छह बाएं हाथ के बल्लेबाज़ खिलाए थे, जिसका फायदा दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर साइमन हार्मर को मिला, जिन्होंने आठ विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता.
भारत को गिल की फिटनेस पर ध्यान रखते हुए आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज को भी ध्यान में रखना होगा. भारत 30 नवंबर से 19 दिसंबर तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन ODI और पांच T20I खेलेगा.
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