विराट कोहली और रोहित शर्मा ने पिछले साल वनडे क्रिकेट में जबरदस्त प्रदर्शन किया था. इन दोनों दिग्गजों की मौजूदगी ने वनडे क्रिकेट में एक बार फिर नई जान फूंक दी है. रोहित-कोहली (ROKO) की वजह से 50 ओवर का फॉर्मेट अब फैन्स के लिए फिर से 'मस्ट-वॉच' बन चुका है. ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज को जिस तरह का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला, उसने वनडे वर्ल्ड कप 2023 की यादें ताजा कर दीं.
टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा सिर्फ एक ही फॉर्मेट में भारत के लिए खेल रहे हैं. यही वजह है कि जब भी दोनों वनडे में उतरते हैं, हर मैच एक बड़े इवेंट की तरह देखा जाता है. इसका सीधा फायदा वनडे क्रिकेट को मिला है. ऐसे समय में जब 50 ओवर के फॉर्मेट की लोकप्रियता में गिरावट महसूस की जा रही थी, रोहित-कोहली ने इसकी खूबसूरती में फिर से चार चांद लगा दिया है.
3 मैचों की वनडे सीरीज क्यों हो रही: पठान
दोनों की मौजूदगी से स्टेडियम में भीड़ बढ़ी है, साथ ही टीवी एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दर्शकों की संख्या में इजाफा हुआ है. वनडे क्रिकेट में लौटे इस उत्साह को देखते हुए पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) और अन्य बोर्ड्स को एक अहम सलाह दी है. उनका मानना है कि कोहली-रोहित की मौजूदगी का पूरा फायदा उठाया जाना चाहिए और कम से कम पांच वनडे मैचों की सीरीज जरूर होनी चाहिए.
इरफान पठान ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, 'मैं बार-बार यही कह रहा हूं कि तीन की जगह पांच वनडे क्यों नहीं हो सकते? ट्राई सीरीज या चार देशों की सीरीज क्यों नहीं कराई जा सकती? जब ये दोनों महान खिलाड़ी सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेल रहे हैं, तो उसका सही इस्तेमाल होना चाहिए. अगर वनडे क्रिकेट में दोबारा दिलचस्पी लौटी है, तो उसके पीछे यही दो खिलाड़ी हैं.'
विराट कोहली और रोहित शर्मा का असर सिर्फ क्राउड तक सीमित नहीं है, बल्कि परफॉर्मेंस में भी दोनों टॉप पर हैं. रोहित आईसीसी की वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में नंबर-1 पर हैं, जबकि विराट कोहली दूसरे स्थान पर हैं. यह उनकी निरंतरता और वनडे क्रिकेट में लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को साफ दिखाता है. इरफान पठान ने यह भी कहा कि दोनों खिलाड़ी सिर्फ नाम के सहारे नहीं, बल्कि मैदान पर प्रदर्शन करके भी फैन्स का भरोसा जीत रहे हैं.
इरफान पठान ने कहा, 'सबसे बड़ी बात यह है कि वे दोनों अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे हैं. वर्ल्ड कप अभी दूर है. तैयारी जरूरी है, लेकिन मैं यह भी चाहता हूं कि हम इन्हें ज्यादा से ज्यादा खेलते हुए देखें. ये भारत के लिए खेलते रहें और जब भारत के लिए नहीं खेल रहे हों, तब घरेलू क्रिकेट खेलें. जितना ज्यादा खेलेंगे, उतना ही बेहतर होगा.'
विराट कोहली और रोहित शर्मा ने साबित कर दिया है कि वनडे क्रिकेट अभी खत्म नहीं हुआ है. उनकी मौजूदगी ने इस फॉर्मेट को फिर से खास बना दिया है. अब जरूरत है सही शेड्यूलिंग और बड़े टूर्नामेंट्स की, ताकि रफ्तार बनी रहे और 50 ओवर्स का क्रिकेट आने वाले सालों में भी उतना ही रोमांचक बना रहे.
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