बांग्लादेश के हाथों पाकिस्तानी टीम को मीरपुर टेस्ट मैच में 104 रनों से हार झेलनी पड़ी थी. पाकिस्तान पर बांग्लादेशी टीम की ये जीत काफी ऐतिहासिक रही. ऐसा पहली बार हुआ, जब बांग्लादेश ने अपने घर पर पाकिस्तानी टीम को टेस्ट मैच में परास्त किया. इस हार के चलते पाकिस्तानी टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई.
मीरपुर टेस्ट में हार झेलने के बाद पाकिस्तानी टीम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पाकिस्तानी टीम पर धीमी ओवर गति (Slow Over Rate) के कारण बड़ा एक्शन लेते हुए मैच फीस का 40 प्रतिशत जुर्माना लगाया है. इसके साथ ही आईसीसी ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 में पाकिस्तान के खाते से 8 अहम अंक भी काट लिए गए हैं.
ICC की इस सजा के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में पाकिस्तान की हालत काफी खराब हो चुकी है. पाकिस्तान के खाते में सिर्फ 4 अंक बचे हैं और वो सातवें स्थान पर है. यह टीम अकतालिका में केवल इंग्लैंड और वेस्टइंडीज से ऊपर है. इस झटके ने पाकिस्तानी टीम की डब्ल्यूटीसी फाइनल की राह बेहद मुश्किल बना दी है.
PAK पर इतना तगड़ा एक्शन क्यों हुआ?
आईसीसी के मुताबिक मीरपुर टेस्ट के दौरान पाकिस्तानी टीम ने निर्धारित समय में 8 ओवर कम फेंके थे. आईसीसी के नियमों के अनुसार निर्धारित समय में ओवर पूरा नहीं होने पर प्रति ओवर के दर से 5 प्रतिशत मैच फीस काटी जाती है. साथ ही WTC में 1 अंक भी कम किया जाता है. इसी वजह से पाकिस्तानी टीम पर मैच फीस का 40 फीसदी जुर्माना लगाया गया, साथ ही 8 अंक काटे गए.
पाकिस्तानी कप्तान शान मसूद ने आईसीसी द्वारा लगाए गए आरोप को मान लिया. कप्तान के दोष स्वीकार करने के बाद मामले में किसी औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी. पाकिस्तानी टीम पर स्लो-ओवर रेट के आरोप मैदानी अंपायरों रिचर्ड कैटलबोरो और कुमार धर्मसेना, थर्ड अंपायर अलाउद्दीन पालेकर एवं फोर्थ अंपायर गाजी सोहेल ने लगाए थे. इसके बाद आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी जेफ क्रो ने सजा सुनाई.
मीरपुर टेस्ट मैच में बांग्लादेशी टीम की जीत के सबसे बड़े हीरो रहे नाहिद राणा, जिन्होंने मैच के आखिरी दिन शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क