फाइनल में पहुंचे तो क्या करेंगे? पाकिस्तान की पैंतरेबाजी पर अब इंग्लैंड के दिग्गज ने उठाए सवाल

भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच के बहिष्कार के पाकिस्तान के फैसले ने राजनीतिक संदेश से ज़्यादा व्यावहारिक सवाल खड़े कर दिए हैं. केविन पीटरसन और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों ने चयनात्मक बहिष्कार की व्यवहारिकता पर सवाल उठाए हैं, खासकर नॉकआउट और फाइनल मुकाबलों को लेकर.

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पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के साथ खेलने से किया इनकार (Photo: ITG) पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के साथ खेलने से किया इनकार (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:23 PM IST

पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के साथ खेलने से इनकार कर दिया है. पाकिस्तान की सरकार ने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने के लिए ये फैसला लिया है. अब 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मैच फिलहाल नहीं होगा. लेकिन पाकिस्तान के इस कदम पर कई क्रिकेट एक्सपर्ट सवाल भी उठा रहे हैं. 

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पीटरसन और अश्विन ने उठाए बहिष्कार पर सवाल

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन इस फैसले की सार्वजनिक तौर पर आलोचना करने वालों में सबसे आगे रहे. उन्होंने इस कदम के तर्क पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर टूर्नामेंट के बाद के चरणों में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने आ गए, तो क्या पाकिस्तान तब भी खेलने से इनकार करेगा?

पीटरसन ने अपने पोस्ट में लिखा, मुझे नहीं पता कि ग्रुप और प्ले-ऑफ समीकरणों के कारण भारत और पाकिस्तान इस विश्व कप के फाइनल में मिल सकते हैं या नहीं, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो क्या पाकिस्तान विश्व कप फाइनल खेलने से भी इनकार कर देगा?

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इसके तुरंत बाद भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और बताया कि ऐसा बहिष्कार नॉकआउट मुकाबलों में कितनी जटिलताएं पैदा कर सकता है.

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अश्विन ने लिखा, तो भारत-पाकिस्तान मुकाबला नॉकआउट में भी नहीं होगा? पक्का? अगर हम वहां पहुंच गए तो क्या वह ‘वर्ल्ड टी20 बाय’ होगा?

भारत-पाक मैच के बहिष्कार की धमकी क्यों?

पाकिस्तान की बहिष्कार संबंधी घोषणा पीसीबी अध्यक्ष और गृह मंत्री मोहसिन नक़वी के बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने 20 टीमों वाले टूर्नामेंट से बांग्लादेश को हटाकर स्कॉटलैंड को शामिल किए जाने के विरोध में एकजुटता दिखाने की बात कही थी. राजनीतिक संदेश तो साफ था, लेकिन क्रिकेटिंग परिणाम पूरी तरह उलझे हुए हैं.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पहले ही इस पर गंभीर चिंता जताई है और चेतावनी दी है कि चयनात्मक भागीदारी न सिर्फ टूर्नामेंट की विश्वसनीयता, बल्कि उसके वैश्विक दर्शक वर्ग को भी नुकसान पहुंचाती है. आईसीसी ने कहा है कि वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से औपचारिक संवाद की प्रतीक्षा कर रही है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे फैसलों के खेल पर दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं.

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इस बीच, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भारत तय प्रोटोकॉल का पालन करेगा. भारतीय टीम कोलंबो जाएगी, अभ्यास सत्रों और मीडिया प्रतिबद्धताओं में हिस्सा लेगी और अंतिम निर्णय मैच अधिकारियों पर छोड़ देगी.

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आईसीसी के लिए ये क्यों बड़ा झटका

भारत–पाकिस्तान मुकाबला कमाई और रोमांच के लिहाज से सबसे बड़ा माना जाता है. यही कारण है कि द्विपक्षीय सीरीज नहीं होने के बावजूद आईसीसी ने 2012 से लगातार दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखा है.

अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर अड़ा रहता है, तो टी20 विश्व कप 2026 साल 2010 के बाद पहला पुरुष आईसीसी टूर्नामेंट होगा, जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच कोई मुकाबला नहीं होगा. 

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