भारत के खिलाफ आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले के बहिष्कार को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) जबरदस्त विवादों में घिरा हुआ है. लेकिन अगर इस सियासी ड्रामे के बीच पाकिस्तान को नीदरलैंड्स या संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) जैसी टीमों से हार का सामना करना पड़ा, तो हालात सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहेंगे, सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक गुस्सा फूट सकता है.
भारत के खिलाफ मैच ना खेलने का फैसला जहां पाकिस्तान को दो अंक और नेट रनरेट में नुकसान पहुंचाएगा, वहीं उसके अगले राउंड में पहुंचने की उम्मीदें भी कमोजर होंगी. भारत के खिलाफ मैच छोड़ने की स्थिति में पाकिस्तान पर बाकी ग्रुप मैचों में दबाव कई गुना बढ़ जाएगा. ऐसे में पाकिस्तान को अगले दौर में पहुंचने के लिए नीदरलैंड्स, यूएसए और नामीबिया के खिलाफ मैच जीतने होंगे. अगर पाकिस्तान इन तीनों मैचों में जीत दर्ज हासिल करता है तो क्वालिफिकेशन की उम्मीद बनी रहेगी. लेकिन अगर टीम इन तीन में से एक भी मैच हार गई, तो वो मुश्किल में पड़ जाएगी.
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नीदरलैंड्स, नामीबिया या यूएसए के खिलाफ हार पाकिस्तानी टीम के वर्ल्ड कप सफर पर विराम लगा सकती है. क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पाकिस्तान इन अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली टीमों के खिलाफ हारता है, तो फैन्स का गुस्सा सीधे पीसीबी और सरकार के निर्णय पर बरसेगा.
एक पाकिस्तानी फैन ने X पर लिखा, 'सोचिए अगर हम अमेरिका/नीदरलैंड्स से हार गए तो विश्व कप से बाहर हो जाएंगे.' उस फैन को एक भारतीय प्रशंसक ने जवाब देते हुए कहा, 'सोचिए अगर भारत अमेरिका या नीदरलैंड्स से हार जाता है. पाकिस्तान फिर भी विश्व कप से बाहर हो जाएगा क्योंकि मैच छोड़ने का मतलब है 0 अंक और -6 नेट रनरेट. पाकिस्तान भारत के खिलाफ नहीं खेलेगा, बल्कि ग्रुप के दोनों मैचों में भारत का समर्थन करेगा. अजीब बात है.'
वैसे भी पाकिस्तानी फैन्स का डर जायज भी है. पिछले टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को संयुक्त राज्य अमेरिका ने सुपर ओवर में पराजित कर दिया था. अब इस बार भी कुछ ऐसी परिस्थिति देखने को मिल सकती है. पहले ही कई पूर्व क्रिकेटर यह चेतावनी दे चुके हैं कि भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार पाकिस्तान क्रिकेट को भारी नुकसान पहुंचा सकता है. अगर कमजोर टीमों के खिलफ हार हुई, तो सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आनी तय है. पीसीबी की मीटिंग्स, और खिलाड़ियों के रिएक्शन वाली तस्वीरें वायरल हो सकती हैं.
भारत के खिलाफ बहिष्कार पहले ही पाकिस्तान क्रिकेट के लिए जोखिम भरा कदम माना जा रहा है. लेकिन अगर इसके बाद मैदान पर नतीजे भी खिलाफ गए, तो यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि पूरे फैसले की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर देगा. अब पाकिस्तान के लिए हर मुकाबला सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि अपने फैसले को सही साबित करने का भी इम्तिहान बन चुका है.
टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के ग्रुप मुकाबले
बनाम नीदरलैंड्स- 7 फरवरी, कोलंबो
बनाम यूएसए- 10 फरवरी, कोलंबो
बनाम भारत- 15 फरवरी, कोलंबो*
बनाम नामीबिया- 18 फरवरी, कोलंबो
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