टीम इंडिया में यंग ऑलराउंडर आयुष बदोनी की एंट्री हुई है, वो न्यूजीलैंड के खिलाफ बाकी दो वनडे मैचों में चुने गए हैं. उनका पहली बार टीम इंडिया में सेलेक्शन हुआ है. लेकिन उनकी इस एंट्री के साथ ही हेड कोच गौतम गंभीर पर पक्षपात के आरोप लगने लगे हैं. सोशल मीडिया पर फैन्स सवाल उठा रहे हैं कि क्या बदोनी वाकई इस चयन के हकदार थे या फिर यह गंभीर की निजी पसंद का नतीजा है.
दरअसल, ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर पहले वनडे में गेंदबाजी के दौरान बाएं निचले पसली हिस्से में दर्द की शिकायत के बाद सीरीज से बाहर हो गए. उनकी जगह टीम मैनेजमेंट ने आयुष बदोनी को स्क्वॉड में शामिल किया. इसके बाद से ही सेलेक्शन को लेकर बहस छिड़ गई.
लिस्ट A में औसत प्रदर्शन, फिर भी टीम इंडिया में सेलेक्शन?
फैन्स का गुस्सा इसलिए भी बढ़ा है, क्योंकि लिस्ट A क्रिकेट में बदोनी के आंकड़े कुछ खास प्रभावशाली नहीं रहे हैं. उन्होंने अब तक 22 पारियों में 693 रन बनाए हैं, जिसमें उनका एवरेज 36.47 का है. इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए हैं. कई लोगों का मानना है कि यह आंकड़े टीम इंडिया के लिए सीधे चयन के लिए काफी नहीं हैं. लिस्ट ए में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 18 विकेट लिए हैं.
विजय हजारे ट्रॉफी में फ्लॉप बदोनी
मौजूदा विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में भी 26 साल के बदोनी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है. उन्होंने तीन पारियों में सिर्फ 16 रन बनाए हैं, एवरेज मात्र 8 का रहा. इसी वजह से फैन्स सेलेक्शन पर सवाल उठा रहे हैं.
IPL-रणजी और घरेलू क्रिकेट में चमक
हालांकि बदोनी ने IPL 2025 में शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने 11 पारियों में 329 रन बनाए, स्ट्राइक रेट 148.19 रहा और दो विकेट भी लिए. रणजी ट्रॉफी में उन्होंने पांच पारियों में 218 रन बनाए, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल रहे, साथ ही सात विकेट भी झटके.
दलीप ट्रॉफी में बदोनी चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उन्होंने तीन पारियों में 307 रन बनाए, औसत 153.50 का रहा, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था.
वहीं, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025–26 में उन्होंने सात पारियों में 206 रन बनाए और छह विकेट भी लिए. इस वजह से टीम मैनेजमेंट उन्हें एक 'वास्तविक ऑलराउंडर' के तौर पर देख रहा है.
गंभीर की पसंद या वाकई बड़ी प्रतिभा ?
गौतम गंभीर पहले भी कई खिलाड़ियों पर भरोसा जता चुके हैं. इसका बड़ा उदाहरण हर्षित राणा हैं, जिन्हें गंभीर ने सपोर्ट किया और आज वह वनडे टीम में खुद को साबित कर चुके हैं.
गंभीर ने आयुष बदोनी को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) में करीब से देखा था. माना जा रहा है कि वहीं उन्होंने बदोनी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की काबिलियत देखी.
लेकिन फैन्स का आरोप है कि गंभीर अपने पुराने घरेलू या IPL टीम से जुड़े खिलाड़ियों को तरजीह दे रहे हैं. इसी वजह से सोशल मीडिया पर "Bias Selection" को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.
अब देखने वाली बात यह होगी कि आयुष बदोनी को मौका मिलता है या नहीं, और अगर मिलता है तो क्या वह अपने प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब दे पाते हैं. वैसे मौजूदा टीम को देखा जाए तो इस बात के चांस बेहद कम हैं कि बदोनी को टीम में मौका मिलेगा.
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