टीम इंडिया के साथ 18 महीने सबसे यादगार: रवि शास्त्री

रवि शास्त्री भारतीय क्रिकेट टीम के निदेशक के रूप में अपने 18 महीने के कार्यकाल को अपनी जिंदगी का ‘सबसे अधिक यादगार दौर’ करार दिया लेकिन वह इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं कि क्या वह अपने अनुबंध का नवीनीकरण चाहते हैं.

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रवि शास्त्री रवि शास्त्री

अभिजीत श्रीवास्तव / BHASHA

  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2016,
  • अपडेटेड 7:05 PM IST

रवि शास्त्री भारतीय क्रिकेट टीम के निदेशक के रूप में अपने 18 महीने के कार्यकाल को अपनी जिंदगी का ‘सबसे अधिक यादगार दौर’ करार दिया लेकिन वह इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं कि क्या वह अपने अनुबंध का नवीनीकरण चाहते हैं. शास्त्री से जब भारतीय टीम के साथ उनके कार्यकाल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं कि मैंने भारतीय क्रिकेट के साथ खिलाड़ी और फिर टीम निदेशक के रूप में जो समय बिताया उनमें ये 18 महीने सर्वश्रेष्ठ रहे. इस दौरान टीम ने जो कुछ हासिल किया यदि उस पर गौर करें तो यह मेरी जिंदगी का सबसे यादगार दौर था. इसे विशेष बनाने का श्रेय खिलाड़ियों को जाता है.’

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रवि शास्त्री से जब पूछा गया कि यदि बीसीसीआई विज्ञापन देता है तो क्या वह मुख्य कोच पद के लिए आवेदन करेगा तो उन्होंने अपने अंदाज में इसका जवाब दिया, ‘मैं केवल आईपीएल फाइनल के एक्रीडेशन के लिए आवेदन करूंगा.’

शास्त्री ने अगस्त 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 1-3 की हार के बाद टीम निदेशक का पद संभाला था और वह इस साल के शुरू में आईसीसी टी20 तक इस पद पर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘हां, खिलाड़ी के रूप में मैं सफल रहा. मुझे 1985 की विश्व क्रिकेट चैंपियनशिप और 1983 का विश्व कप अच्छी तरह से याद है लेकिन टीम निदेशक के रूप में टीम के साथ बिताया गया समय खास था. इस दौर के कुछ प्रदर्शन पर गौर करो.’


इन द्विपक्षीय सीरीज में कौन विशेष रही? श्रीलंका में टेस्ट सीरीज में जीत या ऑस्ट्रेलिया में टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप? इस पर शास्त्री ने कहा, ‘इसका फैसला आप लोगों को करना है क्योंकि मैं तुलना नहीं करना चाहता है.’ शास्त्री से पूछा गया कि क्या उन्होंने बीसीसीआई अधिकारियों से मिलकर इस युवा टीम के लिए भविष्य का खाका सौंपा, उन्होंने कहा, ‘मैंने काफी समय पहले उनसे बात की थी. मैंने उन्हें अपना फीडबैक दिया था. मैं इस पर आगे कुछ नहीं कहूंगा.’

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उन्होंने विराट कोहली को इस दौर में भारत के चोटी के बल्लेबाज के रूप में उभरते हुए देखा और शास्त्री इस बेहद प्रतिभाशाली भारतीय टेस्ट कप्तान के ऑस्ट्रेलिया में चार शतक उनकी उपलब्धियों में अहम मानते हैं. शास्त्री ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट मैचों में चार शतक. उनका कोई जवाब नहीं है. आईपीएल में उसने बेहतरीन प्रदर्शन किया. चार शतक और 1000 रन आईपीएल में लाजवाब है लेकिन ऑस्ट्रेलिया में चार शतक का कोई जवाब नहीं है.’


यह पूर्व भारतीय कप्तान इस चर्चा में भी शामिल नहीं होना चाहता है कि क्या कोहली को सीमित ओवरों की क्रिकेट में भी कप्तान बना देना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘आखिर में उसे सभी फॉर्मेट में भारतीय कप्तान बनना होगा. वह केवल 27 साल है और अभी उसके पास बहुत समय है.’ शास्त्री से पूछा गया कि उनके कार्यकाल के दौरान किस खिलाड़ी ने अपने खेल में सबसे अधिक सुधार किया, उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि उन सभी ने सुधार किया लेकिन अजिंक्य रहाणे, शिखर धवन और रविचंद्रन अश्विन ऐसे तीन नाम हैं जिनका जिक्र मैं आपके साथ कर सकता हूं.’

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