बंगाल चुनाव 2026 ने सिर्फ सत्ता नहीं बदली, बल्कि उन महिलाओं की आवाज को ताकत दी जिन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी. रत्ना देबनाथ, रेखा पात्रा और कालिता माजी जैसी कहानियां अब राजनीति के मंच तक पहुंच चुकी हैं. यह जीत उन सभी के लिए उम्मीद है जो न्याय, सम्मान और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे.