अमेरिका ईरान के बीच वार्ता फेल हो चुकी है. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो गया है. इसकी वजह से 13 अप्रैल को खुलने के साथ ही एशियाई शेयर बाजार क्रैश नजर आए.