यह कथन प्रशासन की दोहरी नीति की ओर संकेत करता है जिसमें निर्दोष लोगों पर कार्रवाई की जाती है जबकि दोषी बच जाते हैं। राजनीतिक अधिकारों के अभाव में, एक पक्ष पर कार्रवाई हुई जबकि दूसरे पक्ष को संरक्षण मिला। यह प्रशासन के पक्षपातपूर्ण रवैये को दर्शाता है और न्याय की अनिश्चितता को उजागर करता है। इससे स्पष्ट होता है कि शासन कभी-कभी राजनीतिक दबाव में आकर निर्णय लेता है, जिससे आम जनता में असंतोष फैलता है। इस स्थिति का समाधान निष्पक्षता और समान न्याय प्रणाली के माध्यम से ही संभव है।