ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को 'अशोक चक्र' से किया जा सकता है सम्मानित, ISS में रिसर्च कर रचा था इतिहास

भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को गणतंत्र दिवस पर प्रतिष्ठित अशोक चक्र से सम्मानित किया जा सकता है. उन्होंने अपनी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर यात्रा में 18 दिनों तक माइक्रोग्रैविटी प्रयोग किए, जो भारत के गगनयान मिशन के लिए महत्वपूर्ण हैं.

Advertisement
गणतंत्र दिवस पर शुभांशु को अशोक चक्र से किया जा सकता है सम्मानित. (File Photo: ITG) गणतंत्र दिवस पर शुभांशु को अशोक चक्र से किया जा सकता है सम्मानित. (File Photo: ITG)

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 25 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:54 PM IST

भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जाने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को गणतंत्र दिवस पर प्रतिष्ठित अशोक चक्र से सम्मानित किया जा सकता है जो उनके ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन की बहादुरी और समर्पण को सम्मान दिए जाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

दरअसल, शुभांशु शुक्ला ने पिछले जून में 'एक्सियम-4' (Axiom-4) मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस सेंटर की ऐतिहासिक यात्रा की थी. अपने इस मिशन में शुभांशु ने 18 दिनों तक आईएसएस पर रहकर माइक्रोग्रैविटी प्रयोग किए जो भारत के गगनयान मिशन के लिए अहम साबित होगा. ये मिशन भारत के मानव स्पेस उड़ान कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है. उनकी इस उपलब्धि ने न केवल वैश्विक स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि भारत के अपने अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने के सपनों को भी नई गति दी है.

Advertisement

वहीं, अगर शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाता है तो ये उनकी बहादुरी और अटूट लगन का एक उचित प्रमाण होगा. उनकी इस सफलता ने भारत की नई पीढ़ी को विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया है. उनकी यात्रा आने वाले वक्त में गगनयान मिशन और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना जैसे बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए युवाओं में जोश भरने का काम करेगी.

आपको बता दें कि हाल ही में यूपी सरकार ने भी उन्हें 'उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2026' से नवाजा था जो उनकी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के लिए राज्य स्तर पर सम्मान है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement