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PSLV-C62 Mission Launch LIVE: बस कुछ देर में 16 सैटेलाइट लॉन्च करेगा ISRO, अंतरिक्ष में भी होगा पेट्रोल पंप

aajtak.in | नई दिल्ली | 12 जनवरी 2026, 9:35 AM IST

ISRO PSLV-C62 Launch LIVE Updates: इसरो का 2026 का स्पेस मिशन आज PSLV-C62 के साथ शुरू हो रहा है, जिसमें 16 सैटेलाइट का एक हाई-स्टेक सैलेस्टियल बैले होगा. इस लॉन्च में भारत की पहली ऑर्बिटल AI-इमेज लेबोरेटरी और पहला ऑन-ऑर्बिट रिफ्यूलिंग मॉडल शामिल है.

आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में आज इसरो की लॉन्चिंग (Photo: ISRO)

PSLV C62 Mission Launch LIVE: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) एक नया इतिहास रचने जा रहा है. आंध्र प्रदेश की श्रीहरिकोटा में आज यानी 12 जनवरी को सुबह 10:17 बजे IST पर सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC) PSLV-C62 रॉकेट लॉन्च किया जाएगा. सेंटर में काफी हलचल है. PSLV-C62 मिशन सिर्फ़ एक रूटीन लॉन्च नहीं है, बल्कि यह एक बहुत ही अहम स्पेश मिशन है.

16 सैटेलाइट्स को सन-सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट में ले जाकर, इसरो का 'वर्कहॉर्स' ग्लोबल छोटे-सैटेलाइट लॉन्च मार्केट में भारत के बढ़ते दबदबे को दिखाने के लिए तैयार है.

इस मिशन एक जरूरी हिस्सा EOS-N1 है, जो डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) द्वारा विकसित एक एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है.

लॉन्चिंग से जुड़े सभी अपडेट्स के लिए फॉलो करें आजतक का ये LIVE ब्लॉग.

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ISRO launch today LIVE: इसरो की लॉन्चिंग के बाद क्या-क्या होगा? देखिए फ्लाइट ट्रेजेक्टरी

Posted by :- Sakib

प्राइमरी सैटेलाइट लॉन्च के लगभग 17 मिनट बाद डिप्लॉय किया जाएगा, जबकि मिशन 108 मिनट बाद पूरा होगा.

9:12 AM (56 मिनट पहले)

ISRO launch LIVE: भारत अंतरिक्ष में लॉन्च कर रहा है पेट्रोल पंप 

Posted by :- Sakib

आयुसैट मिशन का एक बड़ा हिस्सा है और इसे चेन्नई के स्टार्टअप ऑर्बिटएड एयरोस्पेस ने डेवलप किया है. आम तौर पर, एक सैटेलाइट की ऑपरेशनल लाइफ उसमें मौजूद फ्यूल की मात्रा तक ही सीमित होती है. एक बार फ्यूल खत्म होने के बाद, सैटेलाइट बेकार हो जाता है और अक्सर अंतरिक्ष का कचरा बन जाता है.

आयुसैट इस सोच को बदलना चाहता है. भारत के पहले ऑन-ऑर्बिट रिफ्यूलिंग टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर के तौर पर, यह ऑर्बिटएड के खास स्टैंडर्ड इंटरफ़ेस फॉर डॉकिंग एंड रिफ्यूलिंग पोर्ट (SIDRP) का टेस्ट करेगा, जिसे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में रिफ्यूल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

ऑर्बिटएड के फाउंडर और CEO शक्ति कुमार रामचंद्रन ने इंडिय टुडे के साथ खास बातचीत में कहा, "आयुसैट सिर्फ एक मिशन से कहीं ज़्यादा है, यह एक टिकाऊ ऑन-ऑर्बिट इकॉनमी की नींव रखता है."

9:08 AM (एक घंटा पहले)

ISRO launch: अंतरिक्ष में दुनिया का सबसे हल्का टेलीस्कोप, MOI-1 से भारत का कमाल

Posted by :- Sakib

MOI-1 एज कंप्यूटिंग का इस्तेमाल करके सीधे सैटेलाइट पर डेटा प्रोसेस करता है, जिससे बहुत तेज़ एनालिसिस के लिए लेटेंसी कम हो जाती है. अंतरिक्ष में दुनिया का पहला साइबरकैफे शुरू करके, यह मिशन यूज़र्स को प्रोसेसर पर $2 (180 रुपये) प्रति मिनट के हिसाब से समय किराए पर लेने की सुविधा देता है, जिससे ऑर्बिटल इंटेलिजेंस तक पहुंच आसान हो जाती है.

MOI-1 सैटेलाइट के अंदर एक और रिकॉर्ड तोड़ने वाला कमाल है. MIRA, दुनिया का सबसे हल्का स्पेस टेलीस्कोप है.

Eon Space Labs द्वारा विकसित, यह 502-ग्राम ऑप्टिकल सिस्टम फ्यूज्ड सिलिका ग्लास के एक ही ठोस ब्लॉक से बनाया गया है. टेलीस्कोप को सीधे MOI-1 AI लेबोरेटरी में इंटीग्रेट करके, टीम ने ऑर्बिट में एक सहज आंख और दिमाग यूनिट बनाई है.

8:31 AM (एक घंटा पहले)

PSLV C62 Launch: बेंगलुरु के स्टार्टअप ने की बड़ी मदद

Posted by :- Sakib

ISRO के इस मिशन का एक अहम पहलू AayulSAT है, जिसे बेंगलुरु के स्टार्टअप OrbitAID Aerospace ने डेवलप किया है. यह सैटेलाइट भारत के पहले ऑन-ऑर्बिट रिफ्यूलिंग मॉडल के लिए एक टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर के तौर पर काम करता है.

एक बड़े कदम के तहत, यह मिशन MOI-1 सैटेलाइट को ले जा रहा है, जो हैदराबाद के स्टार्टअप TakeMe2Space और Eon Space Labs का एक साथ मिलकर की गई एक कोशिश है. यह मिशन भारत की पहली ऑर्बिटल AI-इमेज लेबोरेटरी की शुरुआत करता है.

 
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7:31 AM (2 घंटे पहले)

DRDO Anvesha Satellite: एडवांस्ड हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग टेक्नोलॉजी से लैस है सैटेलाइट

Posted by :- Sakib

अन्वेषा नाम का यह सैटेलाइट एडवांस्ड हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग टेक्नोलॉजी से लैस है. यह बहुत डिटेल वाली तस्वीरें लेता है, जो न सिर्फ प्राइमरी रंग दिखाती हैं, बल्कि हर पिक्सेल के लिए सैकड़ों पतली, लगातार लाइट बैंड भी दिखाती हैं, जिससे हर मैटेरियल के लिए एक अनोखा स्पेक्ट्रल फिंगरप्रिंट बनता है. इससे वैज्ञानिक केमिकल सिग्नेचर को देख पाते हैं, जैसे फसलों की उर्वरता और मिट्टी की नमी की निगरानी करना, मिनरल डिपॉजिट का पता लगाना और हाई-रिज़ॉल्यूशन डेटा के साथ शहरी फैलाव को ट्रैक करना.

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