दो हंपबैक व्हेलों ने बनाया लंबी दूरी का रिकॉर्ड, ब्राजील से ऑस्ट्रेलिया तक 15 हजार KM की यात्रा की

दो हंपबैक व्हेलों ने ब्राजील से ऑस्ट्रेलिया तक 15,100 किलोमीटर की दूरी तय कर अपनी प्रजाति का नया रिकॉर्ड बनाया है. वैज्ञानिकों ने पूंछ की तस्वीरों से इनकी अनोखी यात्रा का पता लगाया.

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ब्राजील के रियो डे जेनेरो के पास संदर में दिखी हंपबैक व्हेल. (File Photo: AFP) ब्राजील के रियो डे जेनेरो के पास संदर में दिखी हंपबैक व्हेल. (File Photo: AFP)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:43 PM IST

दुनिया के सबसे बड़े समुद्री जीवों में शामिल हंपबैक व्हेल (Humpback Whales) ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है. दो हंपबैक व्हेलों ने ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया के बीच 14,000 से 15,100 किलोमीटर की दूरी तय करके अपनी प्रजाति का सबसे लंबा सफर पूरा किया है.  

यह यात्रा इतनी लंबी है कि पहले कभी किसी हंपबैक व्हेल के बारे में ऐसा रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया गया था. अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की टीम ने व्हेलों की पूंछ की तस्वीरों के आधार पर इन दोनों की यात्रा को ट्रैक किया. इन तस्वीरों में कुछ आम फोटोग्राफरों द्वारा ली गई तस्वीरें भी शामिल थीं.

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व्हेल की पहचान कैसे हुई?

हर हंपबैक व्हेल की पूंछ के नीचे का पैटर्न बिल्कुल अनोखा होता है - ठीक जैसे इंसानों की उंगलियों के निशान. वैज्ञानिकों ने 1984 से 2005 के बीच ऑस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिका में ली गई 19,000 से ज्यादा तस्वीरों का विश्लेषण किया. इमेज रिकग्निशन एल्गोरिदम की मदद से उन्होंने मैच ढूंढे और दोनों व्हेलों की पूरी यात्रा को जोड़ा.

पहली व्हेल को सबसे पहले 2007 में ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड स्थित हर्वे बे में देखा गया था. फिर 2013 में उसी जगह देखी गई. छह साल बाद 2019 में यह ब्राजील के साओ पाउलो के पास दिखाई दी. इन दोनों जगहों के बीच सीधी दूरी करीब 14,200 किलोमीटर है.

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दूसरी व्हेल ने उल्टी यात्रा की. इसे 2003 में ब्राजील के बाहिया तट पर देखा गया था. लगभग 22 साल बाद 2025 में इसे फिर ऑस्ट्रेलिया के हर्वे बे में देखा गया. इसकी यात्रा की दूरी 15,100 किलोमीटर बताई गई है. इससे पहले का रिकॉर्ड कोलंबिया से अफ्रीका तक 13,000 किलोमीटर का था.

दक्षिणी गोलार्ध की हंपबैक व्हेलें आमतौर पर तय रूट पर ही घूमती हैं. वे ठंडे पानी वाले इलाकों में भोजन करती हैं और गर्म पानी वाले उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में प्रजनन करती हैं. मां अपनी संतानों को ये रास्ते सिखाती हैं. इसलिए वे आमतौर पर एक ही रूट पर बार-बार यात्रा करती हैं.

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इतनी लंबी यात्रा क्यों?

वैज्ञानिक अभी भी सटीक कारण नहीं जान पाए हैं. लेकिन कुछ संभावनाएं हैं... 

  • समुद्र में हो रहे बदलाव, खासकर जलवायु परिवर्तन के कारण प्रवासन के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं.
  • मूल क्षेत्रों में भोजन की कमी या दबाव के कारण कुछ व्हेल नई जगहों की तलाश में निकल पड़ती हैं.
  • ये लंबी यात्राएं प्रजाति की आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity) बढ़ाने में भी मदद कर सकती हैं.
  • नर हंपबैक व्हेल गाना गाने में माहिर होते हैं. नई जगह पहुंचकर वे नए गाने सीख सकते हैं. उन्हें दूसरी आबादी तक पहुंचा सकते हैं.

हंपबैक व्हेलें कभी विलुप्त होने के कगार पर थीं. इंसानों द्वारा अत्यधिक शिकार के कारण उनकी संख्या बहुत कम हो गई थी. लेकिन पिछले कुछ दशकों में संरक्षण प्रयासों से उनकी संख्या में अच्छी वृद्धि हुई है. 

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