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कितना ताकतवर है पाकिस्तान का नया शाहपर ड्रोन, जिसकी वो कर रहा है प्रदर्शनी

ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 21 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST
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पाकिस्तान के बंदरगाह शहर कराची में चार साल रक्षा प्रदर्शनी लगाई गई है. इसमें पाकिस्तान, चीन, तुर्की समेत कई देशों की रक्षा कंपनियां अपने-अपने हथियारों और रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी प्रदर्शनी में पाकिस्तान की रक्षा कंपनी ग्लोबल इंडस्ट्रीज़ डिफेंस सॉल्यूशंस (GIDS) ने एक हमलावर ड्रोन पेश किया है. (फोटोः रॉयटर्स)

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इस ड्रोन का नाम है शाहपर-2 (Shahpar-2). यह एक मानवरहित लड़ाकू एरियल व्हीकल है. इसे पिछले साल ही कंपनी ने बनाया है. इसे तत्काल सर्विस में ले भी लिया गया है. इसके अंदर 50 किलोग्राम और बाहर की तरफ 120 किलोग्राम का पेलोड लगाया जा सकता है. 

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शाहपर-2 ड्रोन 8 26.3 फीट लंबा है. इसका विंगस्पैन 52.5 फीट है. टेकऑफ के समय अधिकतम वजन 850 किलोग्राम तक जा सकता है. यह अधिकतम 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ सकता है. 

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शाहपर-2 ड्रोन की क्रूज स्पीड यानी सामान्य उड़ान के समय गति 158 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है. सर्विलांस के समय यह लगातार 14 घंटे और हमला करते समय यह लगातार सात घंटे उड़ान भरने में सक्षम है. 

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शाहपर-2 ड्रोन अधिकतम 20 हजार फीट की ऊंचाई तक कजा सकता है. उसमें बर्क (Barq) लेजर गाइडेड मिसाइल लगी होती है. यह हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है, जिसकी रेंज 8 किलोमीटर है. यह मिसाइल 45 किलोग्राम की होती है. 

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शाहपर-2 ड्रोन पर GIDS जुम्र-2 मल्टी-सेंसर टरे लगी है. इसके अलावा ऑटोनॉमस जीपीएस बेस्ड ट्रैकिंग एंड कंट्रोल सिस्टम लगाया गया है. 300 किलोमीटर की दूरी तक यह रीयल टाइम डेटा देता है. जबकि 1050 किलोमीटर की दूरी तक सैटकॉम डेटा लिंक मिलता है. 

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शाहपर-2 ड्रोन में एक बार टारगेट लॉक कर दिया जाता है तो यह खुद-ब-खुद रनवे से टेकऑफ करके टारगेट को उड़ाकर वापस चला आता है. इसके अलावा यह किसी भी समय निगरानी कर सकता है. यानी दिन हो या रात हो, दोनों ही समय पर निगरानी और हमला करने में सक्षम है. 

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इस ड्रोन पर 60 किलोग्राम के लेजर गाइडेड एजीएम मिसाइलें लगाई जा सकती हैं. इस ड्रोन पर फिलहाल सिर्फ दो हार्ड प्वाइंट्स हैं, यानी इसपर दो ही मिसाइलें तैनात की जा सकती हैं. (फोटोः एएफपी)