Vastu Upay: सुबह उठकर क्या करना चाहिए और क्या नहीं? जानें शुभ-अशुभ संकेत

Vastu Upay: क्या आप जानते हैं सुबह उठते ही क्या देखना शुभ और क्या अशुभ है? वास्तु शास्त्र के अनुसार दिन की शानदार शुरुआत और सफलता पाने के लिए अपनाएं ये आसान वास्तु टिप्स

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सुबह कुछ चीजों को देखने या करने से बचना चाहिए ताकि नकारात्मक ऊर्जा से बचा जा सके.  सुबह कुछ चीजों को देखने या करने से बचना चाहिए ताकि नकारात्मक ऊर्जा से बचा जा सके. 

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:38 AM IST

Morning Vastu Upay: हमारी सुबह की शुरुआत तय करती है कि हमारा पूरा दिन कैसा बीतेगा. वास्तु शास्त्र के अनुसार, सुबह के समय हमारा मन और वातावरण अत्यधिक संवेदनशील होते हैं.  इसलिए, कुछ चीजों को देखने या करने से बचना चाहिए ताकि नकारात्मक ऊर्जा से बचा जा सके. 

सुबह उठकर ये चीजें न देखें 
वास्तु के अनुसार, जागने के तुरंत बाद कुछ चीजों पर नजर पड़ना अशुभ माना जाता है, जो पूरे दिन की ऊर्जा को प्रभावित कर सकती हैं.

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आईना (शीशा): सोकर उठते ही सबसे पहले अपना चेहरा आईने में न देखें. मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है, जिससे दिन की शुरुआत तनाव भरा हो सकती है.

बंद घड़ी: बिस्तर से उठते ही घर में लगी बंद या खराब घड़ी पर नजर नहीं पड़नी चाहिए. वास्तु में इसे दुर्भाग्य और जीवन की प्रगति में रुकावट का प्रतीक माना गया है.

झूठे बर्तन: सुबह-सुबह रसोई में रखे रात के जूठे बर्तनों को देखना शुभ नहीं माना जाता. यह आर्थिक तंगी और दरिद्रता को बढ़ावा देने वाला संकेत माना गया है. 

परछाई: सुबह उठते ही अपनी या किसी अन्य की परछाई (छाया) देखना मानसिक तनाव और झगड़े की वजह बन सकता है.

कूड़ेदान या झाड़ू: उठते ही झाड़ू लगाना या कूड़ेदान पर नजर पड़ना अशुभ होता है. इसलिए, रात को ही सफाई करें. 

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जमीन पर पैर पटकना: बिस्तर से उतरते समय जमीन पर जोर से पैर न पटकें, न ही गुस्से में उठें. धरती को माता का दर्जा दिया गया है, इसलिए शांति और कृतज्ञता के साथ दिन की शुरुआत करें. 

सकारात्मक शुरुआत के लिए क्या करें?
दिन को ऊर्जावान और सफल बनाने के लिए वास्तु और शास्त्रों में विशेष उपाय बताए गए हैं:

कराग्रे वसते लक्ष्मी: सुबह उठते ही अपनी हथेलियों को आपस में धीरे से रगड़ें और उन्हें अपने चेहरे पर लगाएं.  यह प्राचीन उपाय सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए अच्छा है.

ईश्वर का स्मरण: अपने दिन की शुरुआत अपने इष्टदेव के ध्यान और प्रार्थना के साथ करें. इससे मन शांत रहता है. पूरे दिन कार्य करने की शक्ति मिलती है.

कृतज्ञता व्यक्त करें: बिस्तर से उतरते समय धरती माता को प्रणाम करें. एक नए दिन के लिए आभार जताएं.

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