जानें, क्या है पूर्णिमा तिथि का महत्व?

पूर्णिमा तिथि , पूर्णत्व की तिथि मानी जाती है. इस तिथि को चन्द्रमा सम्पूर्ण होता है , सूर्य और चन्द्रमा समसप्तक होते हैं. इस तिथि पर जल और वातावरण में विशेष ऊर्जा आ जाती है. चन्द्रमा इस तिथि के स्वामी होते हैं , अतः इस दिन हर तरह की मानसिक समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है. इस दिन स्नान,दान और ध्यान विशेष फलदायी होता है. इस दिन सत्यनारायण देव या शिव जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए. इस दिन गहन ध्यान से अद्भुत लाभ होता है.

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पूर्णिमा के उपाय पूर्णिमा के उपाय

प्रज्ञा बाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 28 जून 2018,
  • अपडेटेड 11:17 AM IST

पूर्णिमा तिथि , पूर्णत्व की तिथि मानी जाती है. इस तिथि को चन्द्रमा सम्पूर्ण होता है , सूर्य और चन्द्रमा समसप्तक होते हैं. इस तिथि पर जल और वातावरण में विशेष ऊर्जा आ जाती है. चन्द्रमा इस तिथि के स्वामी होते हैं , अतः इस दिन हर तरह की मानसिक समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है. इस दिन स्नान,दान और ध्यान विशेष फलदायी होता है. इस दिन सत्यनारायण देव या शिव जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए. इस दिन गहन ध्यान से अद्भुत लाभ होता है.

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पूर्णिमा की तिथि पर किस तरह का वरदान मिल सकता है?

- चन्द्रमा को मजबूत किया जा सकता है

- चन्द्रमा के दुर्योगों को समाप्त किया जा सकता है

- मानसिक बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है

- ईश्वर की उपासना से मनोकामनाओं को पूर्ण किया जा सकता है

चन्द्रमा को मजबूत करने के लिए क्या करें?

- रात्रि में स्नान करके चन्द्रमा की रौशनी में बैठें

- सफ़ेद वस्त्र पहन लें तो और भी उत्तम होगा

- मोती की माला से चन्द्रमा के मंत्र का ग्यारह माला जप करें

- मंत्र होगा - "ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः"

- मंत्र जप के बाद चंद्र देव को प्राणम करें

- ऐसा हर पूर्णिमा को करें

चन्द्रमा के दुर्योगों को समाप्त करने के लिए क्या करें?

- चन्द्रमा की रौशनी में बैठें

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- पहले "नमः शिवाय" का 108 बार जप करें

- फिर चन्द्रमा  के विशेष मंत्र का तीन माला जप करें

- मंत्र होगा -

" ॐ रोहिणीशः, सुधामूर्ती:,सुधागात्र:,सुधाशन:|

विषमस्थानमसम्भूताम , पीडाम हरतु मे विधु ||"

- चन्द्रमा के दुर्योगों के शांत हो जाने की प्रार्थना करें

मानसिक बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए क्या करें?

- हो सके तो पूर्णिमा का उपवास रक्खें

- दिन भर केवल जल और फल ग्रहण करें

- रात्रि को चन्द्रमा निकलने पर चन्द्रमा को जल अर्पित करें

- इसके बाद यथाशक्ति "नमः शिवाय" का जप करें

- ये प्रक्रिया लम्बे समय तक करते रहें

ईश्वर की कृपा से अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए क्या करें?

- पूर्णिमा की रात्रि को चन्द्रमा की रौशनी में बैठें

- गहन ध्यान करने का प्रयास करें

- या शिव जी का ध्यान करें

- ध्यान पूर्ण हो जाने के बाद ईश्वर से कृपा की प्रार्थना करें

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