Quote of the day 13 July 2026: आज के समय में हम अक्सर अमीर उसे मानते हैं जिसके पास बहुत सारा पैसा हो. लेकिन ब्रह्माकुमारी शिवानी जी कहती हैं कि पैसों से भरी तिजोरी आपको कुछ समय का आराम तो दे सकती है, पर सच्ची खुशी नहीं. असल मायने में अमीर वह इंसान है जिसके पास प्यार करने वाले लोग और दिल से जुड़े मजबूत रिश्ते हैं. पैसा तो आता-जाता रहता है, लेकिन अपनों का साथ ही हमारी असली जीवन-पूंजी है.
नोटों की तिजोरी
आज की दुनिया में हम अक्सर उसे अमीर मान लेते हैं जिसके पास बड़ा बंगला, महंगी कार और बैंक में करोड़ों रुपये हों. पैसा हमारी जरूरतें पूरी कर सकता है, हमें आराम दे सकता है, लेकिन वह हमें सच्ची खुशी या शांति नहीं दे सकता. इतिहास गवाह है कि कई बार दुनिया के सबसे अमीर लोग भी अकेलेपन और तनाव से जूझ रहे होते हैं.
रिश्तों की तिजोरी
- रिश्तों की तिजोरी का मतलब है कि आपके पास ऐसे लोग हैं जो आपसे बिना किसी स्वार्थ के प्यार करते हैं.
- जब आप मुश्किल में हों, तो कोई आपका हाथ थामने वाला हो.
- जब आप उदास हों, तो कोई आपकी बात सुनने वाला हो.
- जब आप अपनी कोई ख़ुशी मनाना चाहें, तो उसमें दिल से शामिल होने वाले दोस्त और परिवार के लोग हों.
उदाहरण
मान लें एक व्यक्ति है जिसके पास बहुत पैसा है, लेकिन जब वह रात को घर आता है, तो बात करने वाला कोई नहीं है. वह बीमार पड़ता है, तो बस एक किराए का नौकर उसकी देखभाल करता है. दूसरी तरफ, एक ऐसा इंसान है जो मध्यमवर्ग का है, लेकिन जब वह घर लौटता है, तो बच्चे हंसते हुए दौड़कर आते हैं, जीवनसाथी चाय का कप लेकर बैठता है और दोस्त सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं. अब आप खुद सोचिए, दोनों में से असल मायने में अमीर कौन है? जाहिर है, दूसरा इंसान, क्योंकि उसके पास प्यार और साथ की ऐसी पूंजी है जिसे कोई चुरा नहीं सकता है.
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