Third Bada Mangal 2026: 19 मई यानी कल ज्येष्ठ मास का तीसरा बड़ा मंगल है. ज्येष्ठ के किसी भी मंगलवार को हनुमानजी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है. ज्येष्ठ मास में हनुमानजी के वृद्ध स्वरूप की पूजा का विधान बताया गया है. इसलिए इसे बुढ़वा मंगल भी कहते हैं. इस दिन हनुमान जी को पूजा में उनकी प्रिय चीजें अर्पित की जाती हैं. चमेली के तेल और सिंदूर से बना चोला अर्पित किया जाता है. मान्यता है कि हनुमानजी की पूजा अर्चना करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है.
बड़े मंगल पर 5 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04.05 बजे से सुबह 04.47 बजे तक
अमृत काल: रात 09.14 बजे से रात 09.40 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11.50 बजे से दोपहर 12.45 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02.34 बजे से दोपहर 03.29 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07.06 बजे से शाम 07.27 बजे तक
बड़ा मंगल की पूजा विधि
बड़े मंगल पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें. फिर मंदिर या पूजन स्थल को गंगाजल से पवित्र कर शुद्ध करें. इसके बाद व्रत का संकल्प लें. चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और हनुमान जी की प्रतिमा को उस पर स्थापित करें. चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी का लेपन करें. गेंदे या लाल फूलों की माला पहनाएं. चमेली के तेल या घी का दीपक जलाएं. हनुमान जी की आरती करें. हनुमान चालीसा का पाठ करें. बेसन के लड्डू, बूंदी, गुड़-चना, रोट और फलों का भोग लगाएं. अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करें. आखिरी लोगों में प्रसाद बांटें.
हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ
बड़े मंगल की शुभ वेला पर हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें. अगर आप जीवन में संकटों का सामना कर रहे हैं तो इस दिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करना बहुत अच्छा माना जाता है. कहते हैं कि इनके पाठ से भय और संकट दूर होते हैं और हनुमान जी की कृपा बरसती है.
लाल वस्तुओं का दान
यदि आपकी कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति कमजोर है तो बड़े मंगल पर लाल मसूर, लाल वस्त्र या लाल फलों का दान जरूर करें. ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है और बिगड़े काम संवर जाते हैं.
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