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Khatu Shyam Mela: खाटू में उमड़ा आस्था का सैलाब, 11 हजार डमरू और विदेशी फूलों से महका बाबा श्याम का दरबार

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST
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Khatu Shyam Mela 2026: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू धाम एक बार फिर बाबा श्याम के रंग में रंगा हुआ है. लक्खी फाल्गुन मेले के शुरू होते ही आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि रींगस से लेकर खाटू तक की हर राह "जय श्री श्याम" के जयकारों से गूंज रही है.  क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग और क्या महिलाएं हर कोई हाथों में झंडा थामे पैदल ही बाबा के दरबार की ओर खिंचा चला आ रहा है. (Photo: ITG)

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भीड़ इतनी कि बन गए नए रिकॉर्ड:  इस साल यह मेला 21 से 28 फरवरी तक यानी पूरे 8 दिनों तक चलेगा.  प्रशासन का अनुमान है कि यहां 30 से 35 लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे.  भक्तों के जुनून का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले ही दिन ढाई लाख और दूसरे दिन करीब 4 लाख लोगों ने दर्शन किए.  भीड़ को देखते हुए मेले के आखिरी तीन दिनों में बाबा का दरबार लगातार 72 घंटे खुला रहेगा. (Photo:ITG) 

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हाई-टेक इंतजाम:  लाखों की भीड़ को संभालना कोई मामूली बात नहीं है, इसलिए प्रशासन ने इस बार जबरदस्त तैयारी की है.  4,400 पुलिसकर्मी और 1,000 होमगार्ड चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं. 400 सीसीटीवी कैमरों से पूरे मेला क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग हो रही है. श्रद्धालुओं के लिए ‘श्याम सारथी’ ऐप लॉन्च किया गया है. इससे घर बैठे या रास्ते में ही पता चल जाएगा कि दर्शन में कितना समय लगेगा और पार्किंग कहां खाली है. 

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रींगस से खाटू तक का सफर हुआ आसान:  पदयात्रियों के लिए 17 किलोमीटर लंबा एक स्पेशल पैदल कॉरिडोर बनाया गया है, जहां गाड़ियों का जाना मना है. रास्ते में थकने पर आराम करने के लिए विश्राम स्थल, पीने का पानी और लाइट की चकाचौंध व्यवस्था की गई है. अगर आप गाड़ी से आ रहे हैं, तो 25 हजार वाहनों की क्षमता वाली विशाल पार्किंग बनाई गई है, जहाँ से मंदिर तक जाने के लिए मात्र 25 रुपये में ई-रिक्शा उपलब्ध हैं. (Photo: ITG)

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स्वर्ग जैसा नजारा : इस बार की सजावट देख कर आपकी आंखें फटी की फटी रह जाएंगी.  मंदिर की थीम “शीश के दानी” (बर्बरीक की गाथा) पर रखी गई है. इसके लिए कोलकाता ही नहीं, बल्कि चीन और न्यूजीलैंड जैसे देशों से भी हाइड्रेंजिया, लिली और ऑर्किड जैसे दुर्लभ फूल मंगवाए गए हैं.  150 से ज्यादा कारीगरों ने मिलकर इसे सजाया है. (Photo: ITG)

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डमरू की गूंज: बाबा के दरबार को 11,000 डमरुओं से सजाया गया है. मुख्य द्वार पर 20 फीट ऊंचा एक विशाल डमरू और हाथी का शिरोभाग हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. मेले में एक ऐसा एंट्री गेट भी बनाया गया है जहां भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों की झलक दिखती है. ऐसा लगता है मानो आप सीधे शिवलोक में प्रवेश कर रहे हों. (Photo: ITG)
 

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रंगीन छातों और मोरपंखी डिजाइन से सजावट:  मंदिर के 75 फीट लंबे मुख्य मार्ग पर गुजरात से मंगवाए गए 2000 से अधिक रंग-बिरंगे छाते लटकाए गए हैं.  मोरपंखी डिजाइन, छतों पर माला रिंग हैंगिंग और फूलों के झूमर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. दीवारों पर लाल वस्त्र में बंधे नारियल सजाए गए हैं, जो पारंपरिक आस्था का प्रतीक हैं. (Photo: ITG)

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