केदारनाथ धाम में बर्फबारी का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. भगवान शिव के पवित्र धाम पर मंगलवार से लगातार बर्फबारी हो रही है. लगातार गिर रही बर्फ के चलते यात्रा से जुड़ी तैयारियों में परेशानी आ रही है. श्रद्धालुओं के लिए 22 अप्रैल से बाबा केदार के कपाट खोले जाने हैं.
दिसंबर-जनवरी के महीने में जहां बाबा का धाम बर्फ विहीन था. वहीं अप्रैल में बाबा के कपाट खुलने से ठीक पहले जोरदार बर्फबारी हो रही है. 19 अप्रैल को बाबा केदार की डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से धाम के लिए प्रस्थान करेगी और 22 अप्रैल को बाबा केदार के कपाट खुलेंगे.
श्री बद्री केदार मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने कहा कि धाम पर पिछले 20 घंटों से लगातार बर्फ गिर रही है. बर्फबारी के बीच धाम में तैयारियां जारी हैं. इस बार चार धाम यात्रा 2026 की शुरुआत कुछ खास और यादगार होने जा रही है.
उन्होंने कहा कि 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे. लेकिन इस बार श्रद्धालुओं को केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि बर्फ से ढकी अद्भुत वादियों का दुर्लभ नजारा भी देखने को मिलेगा. गंगोत्री और यमुनोत्री धाम इस समय पूरी तरह बर्फ की चादर में लिपटे हुए हैं. मंदिर परिसर से लेकर आस-पास के पहाड़, पेड़-पौधे और रास्ते तक सफेद बर्फ से ढक चुके हैं.
गोमुख ट्रैक पर लगभग आधा फीट तक बर्फ जम चुकी है. जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में करीब 2 इंच मोटी बर्फ की परत चढ़ गई है. हालात ऐसे हैं कि जहां नजर डालो, वहां बर्फ ही बर्फ दिखाई दे रही है. पेड़ों की टहनियां तक बर्फ से लदी हुई हैं, जो इस क्षेत्र को किसी स्वर्गिक दृश्य में बदल रही हैं.
Input: Onkar Bahuguna