साध्वी प्रेम बाईसा को एक नहीं, कई इंजेक्शन दिए थे... कंपाउंडर पर सवाल, मौत के पीछे क्या है कहानी?

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. उनके इलाज में कई इंजेक्शन देने की बात सामने आई है, जिससे कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित की भूमिका सवालों में है. मामले की गहराई तक जांच के लिए पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है, जो पोस्टमार्टम और मेडिकल रिकॉर्ड सहित सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है.

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साध्वी प्रेम बाईसा की मौत पर उठ रहे सवाल. (File Photo: ITG) साध्वी प्रेम बाईसा की मौत पर उठ रहे सवाल. (File Photo: ITG)

देव अंकुर

  • जयपुर,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:30 AM IST

राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ सकी है. उनके इलाज और मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, खासकर कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित की भूमिका को लेकर. जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है. टीम हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है. पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा.

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जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने आजतक को बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है. सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है. विसरा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी पुलिस को सौंपी जानी है. 

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का रहस्य अभी भी बना हुआ है. सबसे बड़ा सवाल देवी सिंह राजपुरोहित की भूमिका को लेकर उठ रहा है, जो एक कंपाउंडर है. वह साध्वी के पिता और पिता वीरम नाथ को भी जानता था. आजतक को मिली जानकारी के अनुसार, देवी सिंह राजपुरोहित ने साध्वी प्रेम बाईसा को एक नहीं, बल्कि कई इंजेक्शन दिए थे, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी.

आजतक ने जोधपुर के सरकारी अस्पताल मथुरा दास माथुर अस्पताल का दौरा किया, जहां देवी सिंह काम करता था. अस्पताल के स्टाफ ने दावा किया कि राजपुरोहित सुबह की शिफ्ट में आता था, लेकिन उन्होंने उसके पिछले रिकॉर्ड के बारे में ज्यादा जानकारी होने से इनकार किया. सूत्रों के अनुसार, जब साध्वी प्रेम बाईसा को अस्पताल ले जाया जा रहा था तो सुरेश नाम का व्यक्ति गाड़ी में उनके साथ मौजूद था, जिसने उन्हें CPR दिया.

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यह भी पढ़ें: युवा साध्वी प्रेम बाईसा की कैसे हुई मौत? मेडिकल बोर्ड से कराया जा रहा पोस्टमार्टम, परिजनों ने कही ये बात

प्रेम बाईसा को उनके पिता वीरम नाथ और सुरेश आश्रम से जोधपुर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए थे. अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण जैन ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. प्राइवेट अस्पताल में मृत घोषित किए जाने के बाद उनके पिता ने शव को अपनी गाड़ी में ले जाने की जिद की. अस्पताल को डर था कि अस्पताल में बड़ी भीड़ जमा हो सकती है और इसलिए उन्हें शव ले जाने की अनुमति दे दी गई.

साध्वी की मौत का मामला जटिल रहस्य बन गया है, क्योंकि इसमें कथित इंस्टाग्राम सुसाइड नोट, पिता की संदिग्ध हरकतें और परिवार को जानने वाले एक स्थानीय कंपाउंडर शामिल हैं.

एसआईटी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इंजेक्शन किस उद्देश्य से दिए गए और क्या इनसे साध्वी की मौत हुई. एसआईटी मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पताल स्टाफ के बयान, इंजेक्शन की जांच और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है. साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने कई सामाजिक और कानूनी सवाल खड़े कर दिए हैं.

आश्रम में मौजूद शख्स ने क्या बताया?

साध्वी के आश्रम में मौजूद रहे सुरेश ने बताया कि इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही मिनट बाद साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, इसके बाद वे चीखीं और गेट तक आकर गिर पड़ीं. अस्पताल ले जाते समय उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ रही थी. उन्होंने अपने पिता से 'मुझे न्याय दिला देना' कहा. सुरेश के मुताबिक उस समय उनके नाखून हरे पड़ते नजर आ रहे थे.

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