सीक्रेट ID और पासवर्ड... लैपटॉप-मोबाइल से चलता था करोड़ों का खेल, 10 साल से एक्टिव था रैकेट

राजस्थान के नागौर में पुलिस ने 10 साल से चल रहे अवैध ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. डीएसटी और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इस दौरान भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और रिकॉर्ड बरामद किए गए.

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पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार. (Photo: ITG) पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार. (Photo: ITG)

केशाराम गढ़वार

  • नागौर,
  • 26 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:16 PM IST

राजस्थान में नागौर के ताऊसर रोड पर ऑनलाइन सट्टे के सीक्रेट हब का खुलासा हुआ है. पुलिस का कहना है कि कोतवाली थाना इलाके में बीते 10 साल से यह अवैध काम हो रहा था. डीएसटी टीम और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर ताऊसर रोड स्थित कॉम्प्लेक्स में दबिश दी और मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मौके से लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम कार्ड और दर्जनों रजिस्टर बरामद किए गए हैं.

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दरअसल, देर रात गश्त के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि भींवराज कॉम्प्लेक्स के फर्स्ट फ्लोर पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का बड़ा नेटवर्क संचालित हो रहा है. सूचना मिलते ही सब इंस्पेक्टर अमरचंद गोरा के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची. उसी दौरान डीएसटी टीम भी वहां आ धमकी.

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कमरे की तलाशी लेने पर पुलिस हैरान रह गई. वहां से 21 छोटे-बड़े रजिस्टर, 2 डायरी, 1 बिल बुक, 1 चेक बुक, 2 कैलकुलेटर, 1 वाईफाई सेटअप बॉक्स, 1 कंप्यूटर सेट, 1 एपल लैपटॉप, 3 एटीएम कार्ड और 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए. एक मोबाइल में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच चल रहे मैच पर ऑनलाइन सट्टा खेलते हुए डेटा भी मिला.

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पुलिस ने मौके से इन आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से जिन आरोपियों को पकड़ा है, उनमें 40 वर्षीय अशोक भाटी निवासी सूफिया कॉलोनी नागौर और 30 वर्षीय हिम्मताराम गहलोत निवासी भीकाला बास नागौर शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी ऑनलाइन वेबसाइट और मल्टी लेवल स्कीम के तहत क्लाइंट्स को सीक्रेट आईडी और पासवर्ड देते थे. पूरा लेन-देन ऑनलाइन माध्यम से किया जाता था. शुरुआती जांच में यह बड़े नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है.

कार्रवाई को लेकर IPS अदिति उपाध्याय ने क्या बताया?

आईपीएस अदिति उपाध्याय ने बताया कि यह अवैध सट्टा हब पिछले 10 वर्षों से सक्रिय था. पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से 1 मार्च तक 4 दिन का पुलिस रिमांड मिला है. अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.

फिलहाल पुलिस जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ में इस सट्टा नेटवर्क से जुड़े कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है. नागौर पुलिस का कहना है कि अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. ऐसे नेटवर्क को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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