कोटा मेडिकल कॉलेज में सीजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूता की मौत, परिजनों ने शव लेने से किया इनकार

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत हो गई. मृतका की पहचान 20 वर्षीय ज्योति के रूप में हुई है. हालत नाजुक होने पर उसे सुबह करीब 10:30 बजे वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया था, लेकिन कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद नाराज परिजनों ने शव लेने से भी इनकार कर दिया.

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कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन. (Photo: Screengrab) कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन. (Photo: Screengrab)

चेतन गुर्जर

  • कोटा,
  • 07 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:11 PM IST

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की बिगड़ती हालत का मामला अब गंभीर होता जा रहा है. गुरुवार सुबह इस घटना में दूसरी महिला की मौत हो गई, जिससे अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं. दरअसल, 20 साल की ज्योति की हालत बिगड़ने पर सुबह करीब 10:30 बजे वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया था, लेकिन कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. 

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इस घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शव लेने से भी इनकार कर दिया. अस्पताल में मौजूद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गायनिक वार्ड में सीजेरियन ऑपरेशन के बाद कुल 6 महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. सभी में गंभीर लक्षण सामने आए, जिनमें यूरिन रुक जाना और किडनी फेल होने जैसी स्थिति शामिल है. इससे पहले 5 मई को पायल नाम की एक महिला की मौत हो चुकी थी. अब ज्योति नाम की महिला की भी जान चली गई.

वहीं चार महिलाओं की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है. उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर करने की तैयारी की जा रही है. मेडिकल टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

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आईसीयू के बाहर मौजूद मृतक महिला ज्योति के पति रवि ने बताया कि डॉक्टरों ने लगभग जवाब दे दिया था. उन्होंने कहा कि महिला की स्थिति बेहद गंभीर है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. डॉक्टरों ने परिवार को बताया था कि अगले दो-तीन घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आखिरकार महिला जिंदगी की जंग हार गई.

इधर घटना के 48 घंटे बाद गुरुवार सुबह कलेक्टर पीयूष समारिया अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि जांच के लिए टेक्निकल टीम गठित की गई है, जो हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है. मरीजों को दी गई दवाइयों और इलाज प्रक्रिया का क्लिनिकल एनालिसिस किया जा रहा है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर महिलाओं की हालत अचानक क्यों बिगड़ी.

मामले को लेकर मृतक महिलाओं के परिजनों में आक्रोश है. वहीं एक अन्य मृतक महिला पायल के परिजनों में मातम पसरा हुआ है. मां की मौत के बाद उसका नवजात बेटा अब दादी की गोद में है. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण उनकी बहू की जान गई. परिवार लगातार कार्रवाई की मांग कर रहा है.

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