'एक अमन तो गया, अब दूसरा तैयार करूंगा...', जज के पिता ने रोते हुए पोते को लेकर लिया बड़ा संकल्प

दिल्ली के जज अमन शर्मा की आत्महत्या से न्यायपालिका और समाज में हलचल मच गई है. परिवार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि पिता ने पोते को जज बनाने का संकल्प लिया है. इस घटना के बाद पुरुषों पर बढ़ते अत्याचार और पुरुष आयोग बनाने की मांग तेज हुई है. एनजीओ ने भी सख्त कानून की जरूरत बताई है.

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जज अमन के पिता ने पोते को लेकर लिया संकल्प. (Photo: ITG) जज अमन के पिता ने पोते को लेकर लिया संकल्प. (Photo: ITG)

हिमांशु शर्मा

  • अलवर,
  • 06 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:33 PM IST

दिल्ली में जज अमन शर्मा ने पत्नी और साली से परेशान होकर बीते दिनों सुसाइड कर लिया था. इस घटना ने अपने पीछे कई सवाल छोड़ें हैं. जिनका जवाब पुलिस व परिवार के लोग ढूंढ रहे हैं. दिल्ली सहित पूरे देश कि न्यायपालिका में हलचल है. क्योंकि अमन शर्मा बड़े ही होनहार व मिलनसार युवा थे. उनकी मौत के बाद पुरुषों पर होने वाले अत्याचार को लेकर देश में पुरुष आयोग बनाने की चर्चा होने लगी है. साथ ही पुरुषों के साथ बढ़ते अत्याचार को देखते हुए सख्त कानून बनाने की भी मांग उठने लगी है. इस संबंध में एक एनजीओ ने अमन के परिजनों से अलवर में मुलाकात की, क्योंकि उनका परिवार अलवर में ही रहता है.

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अलवर में कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार छवि के लिए पहचाने जाने वाले जज अमन शर्मा के निधन से पूरे न्याय जगत में गहरा शोक है. उनके अचानक चले जाने से न केवल परिवार बल्कि समाज ने भी एक निष्पक्ष और सच्चे न्यायप्रिय व्यक्तित्व को खो दिया है. इस दुखद घटना के बाद अब परिवार की ओर से भावनात्मक और दृढ़ संदेश सामने आया है. 

दोनों बच्चों को लेकर फरार चल रही है पत्नी
अमन शर्मा के पिता ने गहरे दुख के बीच एक बड़ा संकल्प व्यक्त करते हुए कहा, “इस घर से एक अमन चला गया है, लेकिन मैं अपने पोते को अमन बनाऊंगा और उसे उसी कुर्सी पर बैठाऊंगा.” उनके इस बयान ने हर किसी को भावुक कर दिया है. साथ ही न्याय के प्रति उनकी अटूट आस्था को भी दर्शाया है. हालांकि अमन के दोनों बच्चों को लेकर अभी पत्नी फरार चल रही है. लेकिन पिता ने कहा कि एक दिन बच्चे उनके पास आएंगे. ये उनको विश्वास है.

परिवार का मानना है कि अमन शर्मा ने अपने जीवन में जो ईमानदारी और निष्पक्षता की मिसाल कायम की, उसे आगे बढ़ाना ही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी. पिता के इस संकल्प में एक तरफ बेटे को खोने का दर्द साफ झलकता है, तो दूसरी ओर आने वाली पीढ़ी को उसी राह पर आगे बढ़ाने की दृढ़ इच्छा भी दिखाई देती है. परिवार ने प्रशासन और व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहा है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि न्याय जरूर मिलेगा. उनका मानना है कि नए प्रशासनिक तंत्र से उन्हें उम्मीद है कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी और सच्चाई सामने आएगी. अमन शर्मा की कार्यशैली, उनके फैसलों की निष्पक्षता और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को लोग लंबे समय तक याद रखेंगे. उनका जाना केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है.

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अब इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं. लोगों को उम्मीद है कि न्याय की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े और परिवार को न्याय मिले. वहीं, पिता के इस संकल्प ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अमन शर्मा की विरासत को उनका परिवार जिंदा रखेगा और न्याय की राह पर आगे बढ़ेगा. पुरुष आयोग एनजीओ की प्रेसिडेंट बरखा त्रेहन अमन शर्मा के घर पहुंची और उन्होंने उनके पिता व अन्य परिवार के लोगों से मुलाकात की. 

पुरुषों पर लगातार बढ़ रहा है अत्याचार
इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश में पुरुष आयोग बनाया जाए. साथ ही पुरुषों के साथ होने वाली घटनाओं को देखते हुए सख्त कानून की भी आवश्यकता है. क्योंकि मेरठ इंदौर सहित देश के अलग-अलग शहरों में पुरुषों पर होने वाले अत्याचार के मामले सामने आ चुके हैं. एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार पुरुषों पर होने वाले महिलाओं के अत्याचार में बढ़ोतरी हो रही है. लोगों को न्याय देने वाले अमन शर्मा ने भी मौत को गले लगाया और खुद को वो न्याय नहीं दे पाए. 

ऐसे में पुरुषों पर बढ़ते अत्याचार की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. इनको ध्यान में रखते हुए सरकार को और ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के सभी मंत्री विधायक व नेताओं से मुलाकात कर चुकी हैं. इस संबंध में लगातार पुरुष आयोग का गठन करने व सख्त कानून बनाने की मांग कर रही है.
 

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