जनता के विश्वास का सागर ही जीत का किनारा छूने देता है. भारत के मतदाता के समर्थन का सागर किसी के लिए उमड़ जाए तो विरोधियों की हर रणनीतिक लहर जनादेश के वेग में उफान नहीं मार पाती. देश के दो छोर, दो सागर, एक पार्टी और एग्जिट पोल कहते हैं कि राजनीति में सफलता, कीर्तिमान की नई वेव बीजेपी के पक्ष में चल रही है. अरब सागर जिसके किनारे खड़े होकर बीजेपी के पहले अधिवेशन में, पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा. और गंगासागर यानी बंगाल जहां से भारतीय जनसंघ के संस्थापक और पहले अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी आते थे. बूंद-बूंद से सत्ता के सागर की राह पर बीजेपी पिछले 46 साल में बढ़ती आई. लेकिन 17 चुनावों तक गंगासागर में सफलता का साहिल नहीं मिल पाया. पर अब एग्जिट पोल कहते हैं कि अंधेरा छंटा है, सूरज निकला है और कमल खिल रहा है.