सुप्रीम कोर्ट ने भारत का इतिहास बदल दिया है. इस क्रांति से आगे एक नया रास्ता है, लेकिन ये रास्ता जाएगा कहां? ये वो सवाल है जिसका जवाब सरकार को खोजना है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ऐसे ढेर सारे सवाल हैं, जिनके जवाब साफ होने चाहिए. कुछ लोगों का कहना है कि संसद को कानून बनाना होगा और कुछ लोगों का कहना है कि इसकी कोई जरूरत नहीं है.