ईरान में नए सुप्रीम लीडर चुन लिए गए. आयतुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ये जिम्मेदारी मिली है. जूनियर खामेनेई को न सिर्फ IRGC समेत ईरान की इस्लामिक सत्ता की ताकतवर संस्थाओं ने अपना समर्थन दिया है, बल्कि तेहरान के Enghelab Square पर नए सुप्रीम लीडर पर भरोसा जताने के लिए ईरानी जुट रहे हैं. सवाल ये है कि क्या ईरान से अमेरिका का और भीषण संघर्ष तय हो गया है? मोजतबा खामेनेई कट्टरवादी माने जाते हैं और उनकी पहले से ही ईरान के पावर सर्किल में अच्छी-खासी पहुंच थी. पिछले हफ्ते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए लीडर की नियुक्ति में खुद की भूमिका के संकेत दिए थे, लेकिन यहां तो उल्टा नजर आ रहा है. उधर, युद्ध का असर अब दुनिया के तेल मार्केट पर पड़ रहा है. ईरान के तेल डिपो पर इजरायली हमले और पश्चिम एशिया में कुछ तेल स्रोतों पर ईरानी पलटवार हुए हैं. इस बीच 2022 के बाद पहली बार कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है. इस तेल संकट समेत पश्चिम एशिया के हालात को लेकर आज संसद में देश के विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की.