ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों में बड़ा विरोधाभास हैं, बड़ा कंफ्यूजन हैं, कभी ट्रंप ईरान के साथ अच्छी डील का दावा करत हैं तो कभी ईरान पर विनाशकारी हमलों की धमकी देते हैं. ट्रंप ने फिर ईरान के साथ युद्धविराम की बिना किसी डेडलाइन के आगे बढ़ा दिया, मतलब जब तक समझौता नहीं होता तब तक अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा. अब सवाल यही है कि ईरान को लेकर ट्रंप के मन में डर है या फिर ट्रंप किसी रणनी- ति के तहत ईरान पर विवाद बढ़ाने वाली टिप्पणियां कर रहे हैं.