आज का दंगल बंगाल की चुनावी जंग पर है. कल असम की 126, केरलम की 140 और पुद्दुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे. लेकिन देश की सियासत में सबसे ज्यादा चर्चा उस बंगाल की हो रही है जहां पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 90 लाख वोटर कम हो गए हैं. एक तो एसआईआर में आयोग को वोटर मिले नहीं. ऊपर से 60 लाख में से 27 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम कट गए हैं जिनकी ट्रिब्यूनल में सुनवाई बची हुई है. अब फिक्र ये है कि करीब 27 लाख वो वोटर न तो 23 अप्रैल को वोट डाल पाएंगे न ही 29 अप्रैल को. टीएमसी बार बार ये सवाल उठा रही है कि इतने बडे पैमाने पर वोटर्स के नाम काट कर कैसे निष्पक्ष चुनाव हो सकता है. नंदीग्राम की लिस्ट के हवाले से निजी संस्थानों के आंकडे और बता रहे हैं कि इनमें 95 फीसदी से ज्यादा नाम मुस्लिम वोटर्स के कटे हैं.