जो अमेरिका चीन को एशिया का बीमार आदमी कहता था... आज वही सुपरपावर अमेरिका ड्रैगन के दरवाजे पर दस्तक दे रहा है. 8 साल बाद ट्रंप जब बीजिंग पहुंचे हैं तो हाथ में 'ट्रंप का इक्का' नहीं बल्कि अर्जी है. और जिनपिंग ने उन्हें समझा भी दिया है कि अब पासा पलट चुका है. इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में ट्रंप अपने 'हैंडशेक' के लिए मशहूर हैं, वो हाथ ऐसे खींचते हैं मानो सामने वाले का कंधा उखाड़ देंगे. लेकिन बीजिंग में उल्टा हो गया... ट्रंप 11 हजार किलोमीटर दूर से उड़कर आ गए... लेकिन जिनपिंग एक कदम भी टस से मस नहीं हुए.